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101 न्याय पंचायतों में बनेंगी गोशाला

Tue, 13 Sep 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 11:03 PM IST
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Goshala will be built in 101 Nyay Panchayat
बलरामपुर। छुट्टा पशुओं पर बेहतर नियंत्रण के लिए जिले की सभी 101 न्याय पंचायतों में मनरेगा के तहत गोशाला का निर्माण कराया जाएगा। इनमें 9,248 छुट्टा पशु रखे जाएंगे। छुट्टा पशुओं के बेहतर प्रबंधन से न केवल किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा बल्कि लंपी डिजीज पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
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जिले में करीब छह वर्ष से छुट्टा पशु किसानों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। इनके कारण प्रमुख मार्गों पर आवागमन भी दूभर होता है। नेशनल हाईवे तथा स्टेट हाईवे पर जगह-जगह छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने सकारात्मक पहल की है।
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डीएम ने पशुपालन विभाग के साथ समन्वय करते हुए जिले की सभी 101 न्याय पंचायतों में मनरेगा के तहत गोशाला का निर्माण कराने का आदेश दिया है। निर्माण में खर्च होने वाली धनराशि भी मनरेगा के बजट से खर्च की जाएगी। वर्तमान समय में जिले में छोटी-बड़ी 40 गोशाला हैं।
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15 न्याय पंचायतों में मनरेगा के तहत गोशालाओं का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष न्याय पंचायतों में शीघ्र ही जमीन का चयन करके निर्माण शुरू कराया जाएगा। जिले में पूर्व में की गई गणना के अनुसार छुट्टा पशुओं की कुल संख्या 9,248 है। गोशालाएं बनने से इन पशुओं को उसी में रखा जाएगा।
जिले में पशुओं की चिकित्सा के लिए पशु चिकित्साधिकारी को 19 पद सृजित हैं। वर्तमान समय में जिले में कुल 13 पशु चिकित्सक ही तैनात हैं और छह पद खाली हैं। सभी नौ ब्लॉकों में पशु चिकित्साधिकारियों की तैनाती है। अन्य जनपदों से दो और पशु चिकित्साधिकारी जिले में स्थानांतरित होकर आ रहे हैं। ये जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने दी है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि जिले में संचालित सभी गोशालाओं तथा सड़क किनारे स्थित गांवों में पशुपालकों के पशुओं को लंपी डिजीज व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में दवाओं की कोई कमी नहीं है। जिले में लंपी डिजीज से संक्रमित कोई पशु चिह्नित नहीं हुआ है।
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