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Balrampur News: पंचायत सहायकों के साथ हो गया खेल, डाटा फीडिंग में गड़बड़ी
Mon, 31 Jul 2023 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 31 Jul 2023 11:02 PM IST
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बलरामपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने वाले पंचायत सहायकों के पारीश्रमिक भुगतान में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं। पारीश्रमिक भुगतान के लिए बनी रिपोर्ट में पंचायत सहायकाें द्वारा बनाए गए गोल्डन कार्डों की संख्या को बहुत कम दर्शाया गया है। 200 से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने वाले जिन पंचायत सहायकों ने 200 से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए हैं उनके नाम के आगे महज 10 कार्ड बनाने की संख्या ही अंकित है।
डाटा फीडिंग में हुए इस खेल से पंचायत सहायकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। यही नहीं गोल्डन कार्ड बनाने वाले 500 से अधिक पंचायत सहायकों का पारीश्रमिक भी बकाया है।
आयुष्मान लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पंचायत सहायकों का सहयोग लिया गया था। उन्हें घर-घर जाकर आयुष्मान लाभार्थियों का एप के माध्यम से कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एक गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पांच रुपये के हिसाब से पंचायत सहायकों को पारीश्रमिक भुगतान करना होता है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पारीश्रमिक भुगतान के लिए पंचायत सहायकों का डाटा तैयार तैयार किया गया है। इसमें उनके नाम के सामने गोल्डन कार्ड बनाने की संख्या बहुत कम लिखी गई है।
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पंचायत सहायक की जिला नेतृत्वकर्ता शिवानी गिरि, पिंकी सिंह, शिवम साहू, मजहर अली, अनिल कुमार, प्रियंका, शालिनी, कन्हैया, संध्या मौर्य, रामप्रकाश रामपाल व शुभम सैनी आदि ने बताया कि उन लोगों ने 200-200 से अधिक आयुष्मान लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया था। अब पारीश्रमिक भुगतान के लिए जो डाटा तैयार किया गया है, उसमें गोल्डन कार्डों की संख्या बहुत कम फीड की गई है। कई पंचायत सहायकों को तो मात्र एक-एक गोल्डन कार्ड बनाने का डाटा फीड किया गया है।
डाटा फीडिंग में खेल होने से पंचायत सहायकों में आक्रोश व्याप्त है। यही नहीं करीब 500 पंचायत सहायकों को 200-200 गोल्डन कार्ड के हिसाब से पारीश्रमिक भी बकाया है। पंचायत सहायक की जिला नेतृत्वकर्ता शिवानी गिरि ने बताया कि बकाया पारीश्रमिक भुगतान के लिए डीपीआरओ व सीएमओ को मांगपत्र दिया जाएगा। इस संबंध में डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी। सभी पंचायत सहायकों को सही तरीके से पारीश्रमिक भुगतान कराया जाएगा।
आईडी से नहीं बनवाया गया गोल्डन कार्ड
पंचायत सहायक मिथुन पासवान, प्रमोद कुमार, मोहम्मद मकसूदुल, बब्लू, भोला, मोनू जायसवाल व गुड्डू यादव ने बताया कि पंचायत राज विभाग द्वारा उन्हें गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। शुरुआत में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पंचायत सहायकों की आईडी बनाई गई थी। कुछ दिन बाद उनकी आईडी बंद कर दी गई। पंचायत सहायकों से सीएचओ, एएनएम, आशा व आयुष्मान मित्र के आईडी लॉगइन कराकर गोल्डन कार्ड बनवाया गया था। बताया गया था कि किसी भी आईडी से गोल्डन कार्ड बनाएं, कार्ड की संख्या के हिसाब से पारिश्रमिक मिलेगा।
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डाटा फीडिंग में हुए इस खेल से पंचायत सहायकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। यही नहीं गोल्डन कार्ड बनाने वाले 500 से अधिक पंचायत सहायकों का पारीश्रमिक भी बकाया है।
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आयुष्मान लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पंचायत सहायकों का सहयोग लिया गया था। उन्हें घर-घर जाकर आयुष्मान लाभार्थियों का एप के माध्यम से कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एक गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पांच रुपये के हिसाब से पंचायत सहायकों को पारीश्रमिक भुगतान करना होता है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पारीश्रमिक भुगतान के लिए पंचायत सहायकों का डाटा तैयार तैयार किया गया है। इसमें उनके नाम के सामने गोल्डन कार्ड बनाने की संख्या बहुत कम लिखी गई है।
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पंचायत सहायक की जिला नेतृत्वकर्ता शिवानी गिरि, पिंकी सिंह, शिवम साहू, मजहर अली, अनिल कुमार, प्रियंका, शालिनी, कन्हैया, संध्या मौर्य, रामप्रकाश रामपाल व शुभम सैनी आदि ने बताया कि उन लोगों ने 200-200 से अधिक आयुष्मान लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया था। अब पारीश्रमिक भुगतान के लिए जो डाटा तैयार किया गया है, उसमें गोल्डन कार्डों की संख्या बहुत कम फीड की गई है। कई पंचायत सहायकों को तो मात्र एक-एक गोल्डन कार्ड बनाने का डाटा फीड किया गया है।
डाटा फीडिंग में खेल होने से पंचायत सहायकों में आक्रोश व्याप्त है। यही नहीं करीब 500 पंचायत सहायकों को 200-200 गोल्डन कार्ड के हिसाब से पारीश्रमिक भी बकाया है। पंचायत सहायक की जिला नेतृत्वकर्ता शिवानी गिरि ने बताया कि बकाया पारीश्रमिक भुगतान के लिए डीपीआरओ व सीएमओ को मांगपत्र दिया जाएगा। इस संबंध में डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी। सभी पंचायत सहायकों को सही तरीके से पारीश्रमिक भुगतान कराया जाएगा।
आईडी से नहीं बनवाया गया गोल्डन कार्ड
पंचायत सहायक मिथुन पासवान, प्रमोद कुमार, मोहम्मद मकसूदुल, बब्लू, भोला, मोनू जायसवाल व गुड्डू यादव ने बताया कि पंचायत राज विभाग द्वारा उन्हें गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। शुरुआत में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पंचायत सहायकों की आईडी बनाई गई थी। कुछ दिन बाद उनकी आईडी बंद कर दी गई। पंचायत सहायकों से सीएचओ, एएनएम, आशा व आयुष्मान मित्र के आईडी लॉगइन कराकर गोल्डन कार्ड बनवाया गया था। बताया गया था कि किसी भी आईडी से गोल्डन कार्ड बनाएं, कार्ड की संख्या के हिसाब से पारिश्रमिक मिलेगा।