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Balrampur News: लड़का-लड़की का फर्क भूल आगे बढ़ें
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बलरामपुर। रंग भेद और लैंगिक समानता को लेकर यूनिसेफ की तरफ से जिले के तीन स्कूलों में मंगलवार को वृत्तचित्र बनाया गया। बच्चों ने रंग भेद और लिंग भेद पर खुलकर चर्चा की। बच्चों के आत्मविश्वास से भरी बातों को कैमरे में कैद किया गया। इस वृत्तचित्र को उत्तर प्रदेश के साथ ही हिंदी भाषा वाले अन्य प्रदेशों में छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने के लिए प्रसारित किया जाएगा।
बालिका शिक्षा के तहत जिले के परिषदीय विद्यालयों में सेल्फ स्टीम एंड बॉडी कांफिडेंस प्रोग्राम चलाया गया। मास्टर ट्रेनर नवीन सिंह ने कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को गोरा-काला, मोटा-पतला या लड़का-लड़की का फर्क भूलकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की सीख दी।
जीवन कौशल का गुण विकसित करने का सुझाव दिया। छह माह तक प्रशिक्षण देने के बाद बच्चों में रंग व लिंग भेद को लेकर आत्मविश्वास में वृद्धि का जो फर्क आया उसी पर यूनिसेफ द्वारा वृत्तचित्र बनाया जा रहा है।
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मंगलवार को यूनिसेफ की टीम ने सदर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय ज्योनार एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों से बातचीत की। बच्चों की गतिविधियों को कैमरे में रिकार्ड कर वृत्तचित्र बनाया गया।
इसमें पल्लवी, लक्ष्मी, सिमरन, राम विलास व अभिषेक आदि छात्र-छात्राओं ने रंग भेद एवं लिंग भेद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। ज्योनार की प्रधानाध्यापक शशि कुमारी चौधरी, ग्राम प्रधान महेश सिंह व इमिलिया के प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों ने भी अपनी बात रखी।
केजीबीवी गैड़ास बुजुर्ग में कॉमिक्स के जरिए जो सीख बच्चों को दी गई थी, वह छात्र-छात्राओं ने रोल प्ले के जरिए प्रस्तुत की। यहां भी मुस्कान, अंशिका सिंह, आराधना, संध्या, नीलम, लक्ष्मी, राधा व नंदनी आदि बच्चों की गतिविधियों को वृत्तचित्र में शामिल किया गया। इस अवसर पर वार्डन ममता यादव, आशुतोष मिश्र, रेखा, आदित्य सिंह, सार्थक चावला, सोनू आदि मौजूद रहे।
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बालिका शिक्षा के तहत जिले के परिषदीय विद्यालयों में सेल्फ स्टीम एंड बॉडी कांफिडेंस प्रोग्राम चलाया गया। मास्टर ट्रेनर नवीन सिंह ने कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को गोरा-काला, मोटा-पतला या लड़का-लड़की का फर्क भूलकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की सीख दी।
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जीवन कौशल का गुण विकसित करने का सुझाव दिया। छह माह तक प्रशिक्षण देने के बाद बच्चों में रंग व लिंग भेद को लेकर आत्मविश्वास में वृद्धि का जो फर्क आया उसी पर यूनिसेफ द्वारा वृत्तचित्र बनाया जा रहा है।
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मंगलवार को यूनिसेफ की टीम ने सदर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय ज्योनार एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों से बातचीत की। बच्चों की गतिविधियों को कैमरे में रिकार्ड कर वृत्तचित्र बनाया गया।
इसमें पल्लवी, लक्ष्मी, सिमरन, राम विलास व अभिषेक आदि छात्र-छात्राओं ने रंग भेद एवं लिंग भेद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। ज्योनार की प्रधानाध्यापक शशि कुमारी चौधरी, ग्राम प्रधान महेश सिंह व इमिलिया के प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों ने भी अपनी बात रखी।
केजीबीवी गैड़ास बुजुर्ग में कॉमिक्स के जरिए जो सीख बच्चों को दी गई थी, वह छात्र-छात्राओं ने रोल प्ले के जरिए प्रस्तुत की। यहां भी मुस्कान, अंशिका सिंह, आराधना, संध्या, नीलम, लक्ष्मी, राधा व नंदनी आदि बच्चों की गतिविधियों को वृत्तचित्र में शामिल किया गया। इस अवसर पर वार्डन ममता यादव, आशुतोष मिश्र, रेखा, आदित्य सिंह, सार्थक चावला, सोनू आदि मौजूद रहे।