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Balrampur News: ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ निकाला पैदल मार्च
Mon, 15 Jul 2024 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:43 PM IST
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बलरामपुर। एक सप्ताह के सांकेतिक हड़ताल के बाद सोमवार को शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ हुंकार भरी। बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित सौंपकर शिक्षकाें की समस्याओं के निस्तारण की मांग की। इस दौरान जिले के सभी संकुल शिक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा भी दे दिया।
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश सचिव दिलीप चौहान, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय सिंह, देव कुमार मिश्र, धर्मेंद्र शुक्ला, सचिव तुलाराम गिरि, ज्ञान सागर पाठक, राकेश प्रताप सिंह, प्रियंका श्रीवास्तव, पंकज सिंह व कमरुद्दीन अंसारी के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति शिक्षकों की सेवा की परिस्थितियों की दृष्टि से अव्यवहारिक है। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट में सौंपा। ज्ञापन में शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने, विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल करते हुए वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने,शिक्षामित्र व अनुदेशकों को नियमित करने सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
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संयुक्त मोर्चा के प्रदेश सचिव दिलीप चौहान, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय सिंह, देव कुमार मिश्र, धर्मेंद्र शुक्ला, सचिव तुलाराम गिरि, ज्ञान सागर पाठक, राकेश प्रताप सिंह, प्रियंका श्रीवास्तव, पंकज सिंह व कमरुद्दीन अंसारी के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति शिक्षकों की सेवा की परिस्थितियों की दृष्टि से अव्यवहारिक है। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट में सौंपा। ज्ञापन में शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने, विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल करते हुए वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने,शिक्षामित्र व अनुदेशकों को नियमित करने सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
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