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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पूरी तरह तत्पर है सरकार
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फोटो-15-बलरामपुर के पुलिस लाइन में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते जल शक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश शास
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। जिले के तराई क्षेत्र में हर बार बाढ़ से कुछ क्षेत्र प्रभावित होते है। इस बार भी जिले की तीन तहसीलों में कई गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिरे हुए है। बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्य के लिए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। बाढ़ से बचाव के लिए सरकार की तरफ से पहली बार मार्च-अप्रैल के बजाए जनवरी माह में धन आवंटित किया गया है। बाढ़ से बचाव एवं लोगों को राहत पहुंचाने में जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव होकर कार्य कर रहा है।
यह बातें जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से मंगलवार को जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिले में रिकार्ड 1016 मिलीलीटर वर्षा अब तक हो चुकी है। नेपाल राष्ट्र से तेज गति से पानी छोड़ा गया जिससे राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सरयू का जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी में जल का प्रवाह थम नहीं रहा है।
राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से तीन तहसीलों के कुछ गांव चारों तरफ पानी से घिर है। कुछ गांव में भी पानी भरा हुआ है लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जो गांव बाढ़ से प्रभावित है वहां विभिन्न विभागों के अधिकारी नोडल के रूप तैनात किए गए हैं। ब्लॉक स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो तरह के पैकेट वितरित किए जा रहे है। जिन लोगों को वस्त्र की आवश्यकता है उन्हें स्वयंसेवी संस्थाओं तथा संभ्रांत जनों के माध्यम से वस्त्र उपलब्ध कराया जा रहा है।
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राहत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
हवाई सर्वेक्षण के बाद पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ से बचाव व राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित गांवों, बाढ़ राहत केंद्र, बाढ़ चौकियों, राहत सामग्री वितरण, फूड पैकेट वितरण, एसडीआरएफ की टीम, गोताखोर, नावों के संचालन व मेडिकल किट वितरण आदि कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक बाढ़ प्रभावित गांवों में बीट सिपाही द्वारा वायरलेस के साथ गश्त सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया।
इस मौके पर सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, मीडिया प्रभारी डीपी सिंह, जिला महामंत्री रवि मिश्रा, वरुण सिंह मोनू, डीएम श्रुति, एसपी हेमंत कुटियाल, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एडीएम अरुण कुमार शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्रा, एसीएमओ डॉ. एके सिंघल व एसडीएम तुलसीपुर विनोद कुमार सिंह सहित सिंचाई व बाढ़ खंड से संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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यह बातें जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से मंगलवार को जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिले में रिकार्ड 1016 मिलीलीटर वर्षा अब तक हो चुकी है। नेपाल राष्ट्र से तेज गति से पानी छोड़ा गया जिससे राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सरयू का जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी में जल का प्रवाह थम नहीं रहा है।
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राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से तीन तहसीलों के कुछ गांव चारों तरफ पानी से घिर है। कुछ गांव में भी पानी भरा हुआ है लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जो गांव बाढ़ से प्रभावित है वहां विभिन्न विभागों के अधिकारी नोडल के रूप तैनात किए गए हैं। ब्लॉक स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो तरह के पैकेट वितरित किए जा रहे है। जिन लोगों को वस्त्र की आवश्यकता है उन्हें स्वयंसेवी संस्थाओं तथा संभ्रांत जनों के माध्यम से वस्त्र उपलब्ध कराया जा रहा है।
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राहत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
हवाई सर्वेक्षण के बाद पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ से बचाव व राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित गांवों, बाढ़ राहत केंद्र, बाढ़ चौकियों, राहत सामग्री वितरण, फूड पैकेट वितरण, एसडीआरएफ की टीम, गोताखोर, नावों के संचालन व मेडिकल किट वितरण आदि कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक बाढ़ प्रभावित गांवों में बीट सिपाही द्वारा वायरलेस के साथ गश्त सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया।
इस मौके पर सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, मीडिया प्रभारी डीपी सिंह, जिला महामंत्री रवि मिश्रा, वरुण सिंह मोनू, डीएम श्रुति, एसपी हेमंत कुटियाल, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एडीएम अरुण कुमार शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्रा, एसीएमओ डॉ. एके सिंघल व एसडीएम तुलसीपुर विनोद कुमार सिंह सहित सिंचाई व बाढ़ खंड से संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।