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पहाड़ों नालों के बाढ़ से 100 गांवों में मची तबाही
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बलरामपुर के बखरकोटवा गांव में डिप पर पानी भर जाने से बाइक को उठाकर पार करवाते ग्रामीण।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। जिले के कई पहाड़ी नालों के बाढ़ से करीब 100 गांवों में तबाही मची हुई है। कई गांवों के संपर्क मार्ग पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के पानी से डूब गए है। गांव के लोगों का संपर्क मार्ग कट चुका है।
गांव टापू बन चुके है। सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी धान व गन्ने की फसल बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गई है। पहाड़ों व मैदानी इलाकों में बीते कई दिनों से भारी बारिश होने से पहाड़ी नालों के साथ-साथ राप्ती नदी में भी उफान है।
खरझार पहाड़ी नाले में शुक्रवार भोर में अचानक बाढ़ आ गई। खरझार पहाड़र नाले के बाढ़ से कई गांव टापू बन गए हैं। सुरक्षा के लिए करोड़ों की लागत से बनाया गया तटबंध भी बाढ़ के पानी में बह गया है।
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थाना महराजगंज तराई के 24 से अधिक गांवों में खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ का कहर लोगों पर टूट रहा है। साहेबनगर गांव के पास से बाढ़ का पानी अन्य गांवों में भरा है। साहेबनगर डिप पर तीन फुट पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण आवागमन ठप हो गया है।
तेज बहाव में निजी स्कूल की एक बस सड़क पर बने गड्ढे में अचानक फंस गई। बस में श्रीगुरु लारेंस अकादमी परसपुर के आठ बच्चे सवार थे। सभी बच्चों को ट्रैक्टर पर बैठकर बाहर निकाला गया। बस चालक की लापरवाही के चलते बड़ा हादसा हो सकता है। लोहेपनिया, रामगढ़ मैटहवा, शांतीनगर, लैबुड्डी, बनकटवा, लहेरी, विजईडीह, जगरामपुरवा, सुखदेवपुरवा, सुगानगर, बरगदही, साखीरेत, औरहिया, कनहरा व दांदव सहित क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ की तबाही का मंजर है।
ग्राम राजेंद्र वर्मा, अलखराम, पदारथ गुप्ता, अशोक यादव, श्रवण कुमार, राम सागर, मंगलदेव सिंह व राजू यादव आदि ने बताया कि खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ में सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी धान व गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। सड़कों पर पानी बह रहा है।
लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। औरहिया लहेरी गांव में धनीराम के घर में पानी भर जाने से उन्हें छत पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद मुहैया नहीं कराई गई है। एसडीएम तुलसीपुर विनोद सिंह ने मौके पर हल्का लेखपालों को भेजा है।
गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र में पहाड़ी नालों के उफान से 18 से अधिक गांव प्रभावित हुए है। बखरकोटवा गांव के संपर्क मार्ग के डिप पर बाढ़ का पानी भर गया है जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रमवापुर थारू, सुस्ता, बेलहसा, जमुवरिया, कल्लूडीह, बखरकोटवा, भंभरी व मदरहवा सहित दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित है। कल्लूडीह गांव के पास डिप पर कमर तक पानी चल रहा है।
किसानों की फसलें बाढ़ के पानी में तहस-नहस हो गई है। पहाड़ी नाला हेंगहा व गौरिया में तेज उफान से जयपुर खादर जाने वाला मार्ग कट गया है जिससे आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण महेश, सुभाष, पुज्जू, दलमटकू, गंगा पासवान, लाल बिहारी व बाबूराम आदि ने बताया कि बीते कई दिनों से पहाड़ों पर भारी बारिश के चहते हेंगहा व गौरिया नाले में उफान आया है।
जयराम खादर, झरियाडीह व शिकारीपुरवा सहित दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से टापू बन गए है। सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने मौके पर हल्का लेखपालों को भेजा है। राप्ती नदी का जलस्तर भारी बारिश के चलते बढ़ रहा है।
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गांव टापू बन चुके है। सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी धान व गन्ने की फसल बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गई है। पहाड़ों व मैदानी इलाकों में बीते कई दिनों से भारी बारिश होने से पहाड़ी नालों के साथ-साथ राप्ती नदी में भी उफान है।
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खरझार पहाड़ी नाले में शुक्रवार भोर में अचानक बाढ़ आ गई। खरझार पहाड़र नाले के बाढ़ से कई गांव टापू बन गए हैं। सुरक्षा के लिए करोड़ों की लागत से बनाया गया तटबंध भी बाढ़ के पानी में बह गया है।
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थाना महराजगंज तराई के 24 से अधिक गांवों में खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ का कहर लोगों पर टूट रहा है। साहेबनगर गांव के पास से बाढ़ का पानी अन्य गांवों में भरा है। साहेबनगर डिप पर तीन फुट पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण आवागमन ठप हो गया है।
तेज बहाव में निजी स्कूल की एक बस सड़क पर बने गड्ढे में अचानक फंस गई। बस में श्रीगुरु लारेंस अकादमी परसपुर के आठ बच्चे सवार थे। सभी बच्चों को ट्रैक्टर पर बैठकर बाहर निकाला गया। बस चालक की लापरवाही के चलते बड़ा हादसा हो सकता है। लोहेपनिया, रामगढ़ मैटहवा, शांतीनगर, लैबुड्डी, बनकटवा, लहेरी, विजईडीह, जगरामपुरवा, सुखदेवपुरवा, सुगानगर, बरगदही, साखीरेत, औरहिया, कनहरा व दांदव सहित क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ की तबाही का मंजर है।
ग्राम राजेंद्र वर्मा, अलखराम, पदारथ गुप्ता, अशोक यादव, श्रवण कुमार, राम सागर, मंगलदेव सिंह व राजू यादव आदि ने बताया कि खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ में सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी धान व गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। सड़कों पर पानी बह रहा है।
लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। औरहिया लहेरी गांव में धनीराम के घर में पानी भर जाने से उन्हें छत पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद मुहैया नहीं कराई गई है। एसडीएम तुलसीपुर विनोद सिंह ने मौके पर हल्का लेखपालों को भेजा है।
गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र में पहाड़ी नालों के उफान से 18 से अधिक गांव प्रभावित हुए है। बखरकोटवा गांव के संपर्क मार्ग के डिप पर बाढ़ का पानी भर गया है जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रमवापुर थारू, सुस्ता, बेलहसा, जमुवरिया, कल्लूडीह, बखरकोटवा, भंभरी व मदरहवा सहित दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित है। कल्लूडीह गांव के पास डिप पर कमर तक पानी चल रहा है।
किसानों की फसलें बाढ़ के पानी में तहस-नहस हो गई है। पहाड़ी नाला हेंगहा व गौरिया में तेज उफान से जयपुर खादर जाने वाला मार्ग कट गया है जिससे आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण महेश, सुभाष, पुज्जू, दलमटकू, गंगा पासवान, लाल बिहारी व बाबूराम आदि ने बताया कि बीते कई दिनों से पहाड़ों पर भारी बारिश के चहते हेंगहा व गौरिया नाले में उफान आया है।
जयराम खादर, झरियाडीह व शिकारीपुरवा सहित दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से टापू बन गए है। सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने मौके पर हल्का लेखपालों को भेजा है। राप्ती नदी का जलस्तर भारी बारिश के चलते बढ़ रहा है।