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अधिक दुग्धोत्पादन के लिए पशुओं को खिलाएं पौष्टिक आहार
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बलरामपुर। अधिक दुग्ध उत्पादन प्राप्त करने के लिए पशुओं को पौष्टिक आहार मिलना चाहिए। पौष्टिक व संतुलित आहार मिलने से गाय-भैंस से अधिक दूध प्राप्त होने के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
यह बातें रविवार को नगर के बलुहा मोहल्ले में आयोजित पशु पालक गोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. बीआर चौरसिया ने कही। उन्होंने बताया कि पशु आहार ऐसा हो जिसमें संबंधित पशु के आवश्यकता के अनुरूप कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन व मिनरल प्रचुर मात्रा में मौजूद हो।
घर पर ही पशु आहार तैयार करने से लागत कम और फायदा अधिक मिलता है। तीन बराबर भागों में पशु आहार तैयार किया जाता है। पहले भाग में मक्का, जौ, गेहूं या बाजरा होना चाहिए।
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दूसरे भाग में सरसों, अलसी या मूंगफली की फली तथा तीसरे भाग में चोकर या चूनी होनी चाहिए। तीनों भागों का मिश्रण मिलाकर एक क्विंटल पशु आहार बनाएं और उसमें एक किलो मिनरल मिक्सर मिलाकर पशुओं को खिलाएं।
इसके साथ ही पशु को भूसा व हरा चारा भी खिलाया जाना चाहिए। इस अवसर पर भोला यादव, उमा, कंचन, फेरन, आनंद, राजन, बिना, मानस व अनुभव चौरसिया सहित तमाम पशुपालक मौजूद रहे।
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यह बातें रविवार को नगर के बलुहा मोहल्ले में आयोजित पशु पालक गोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. बीआर चौरसिया ने कही। उन्होंने बताया कि पशु आहार ऐसा हो जिसमें संबंधित पशु के आवश्यकता के अनुरूप कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन व मिनरल प्रचुर मात्रा में मौजूद हो।
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घर पर ही पशु आहार तैयार करने से लागत कम और फायदा अधिक मिलता है। तीन बराबर भागों में पशु आहार तैयार किया जाता है। पहले भाग में मक्का, जौ, गेहूं या बाजरा होना चाहिए।
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दूसरे भाग में सरसों, अलसी या मूंगफली की फली तथा तीसरे भाग में चोकर या चूनी होनी चाहिए। तीनों भागों का मिश्रण मिलाकर एक क्विंटल पशु आहार बनाएं और उसमें एक किलो मिनरल मिक्सर मिलाकर पशुओं को खिलाएं।
इसके साथ ही पशु को भूसा व हरा चारा भी खिलाया जाना चाहिए। इस अवसर पर भोला यादव, उमा, कंचन, फेरन, आनंद, राजन, बिना, मानस व अनुभव चौरसिया सहित तमाम पशुपालक मौजूद रहे।