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Balrampur News: तेंदुए और बाघ के हमलाें से जंगल से सटे गांवों में दहशत

Fri, 26 Dec 2025 09:22 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2025 09:22 PM IST
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Fear in villages near the forest due to leopard and tiger attacks
बलरामपुर के विशुनपुर कोडर मृतका के घर रोते बिलखते परिजन ।-संवाद
गैसड़ी। नेपाल सीमा और सोहेलवा जंगल से सटे गांवों में जंगली जानवरों के हमले से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बाघ और तेंदुए के हमले अचानक तेज हो गए हैं। दो महीनों में तीन लोगों मौत हो चुकी है। इसके बावजूद वन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं कर रहा है। गश्त तक में ढिलाई बरती जा रही है।
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बीते 12 नवंबर को पचपेड़वा क्षेत्र के ही बेलभरिया के सड़वा गांव के किसान बिकाई प्रसाद को बाघ ने मार डाला था। इसके बाद गश्त और जन सुरक्षा पर जोर देने का भरोसा वन विभाग ने दिया था। बृहस्पतिवार को दो महिलाओं की मौत से ग्रामीण फिर सहमे हैं। ग्रामीणों का दावा तो बाघ का है, फिलहाल वन विभाग सबूतों के आधार पर तेंदुआ होने का दावा कर रहा है।
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परसरामपुर में नेपाली महिला उर्मिला की मौत के बाद मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान शेखर पांडे, बिशनपुर कोडर के प्रधान हरिपाल चतुर्वेदी, ग्राम पंचायत परसरामपुर के प्रधान रफीक, सहित ग्रामीणों राम उजागर, मनीराम, धनीराम, हरिराम, राधेश्याम व दिनेश ने नेपाल सीमा पर लगातार हो रहे जंगली जानवरों के हमलों पर गंभीर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि भारत-नेपाल आने-जाने का यह मार्ग जंगलों के बीच से होकर गुजरता है, जहां न तो बिजली की व्यवस्था है, न दूरसंचार सुविधा और न ही पक्का रास्ता। शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे जंगली जानवरों का खतरा और बढ़ जाता है। बिशनपुर कोडर के प्रधान ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की।
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अकेले जंगल की ओर न जाएं ग्रामीण
भांभर रेंज के क्षेत्राधिकारी योगेश कुमार ने बिशनपुर कोडर में घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने और समूह में चलने की सलाह दी। बताया कि जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में भय व्याप्त है और ग्रामीणों ने वन विभाग व प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाएं जंगल में अकेले लकड़ी बीनने न जाएं।
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