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Balrampur News: ककून नहीं, तैयार रेशमी उत्पाद बेचेंगे किसान, बढ़ेगी आमदनी
Wed, 29 Jul 2026 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:24 PM IST
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फोटो-25-बलरामपुर के राजकीय रेशम फार्म का निरीक्षण कर जानकारी लेते डीएम ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। जिले में रेशम उद्योग को नई पहचान देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब केवल ककून या रेशम धागे की बिक्री तक सीमित रहने के बजाय तैयार रेशमी उत्पादों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। बुधवार को राजकीय रेशम फार्म, बालपुर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने अधिकारियों को रेशम उद्योग में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीट पालन, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम कीटों की उपलब्धता, ककून उत्पादन और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में यदि ककून या रेशम धागे की बिक्री के बजाय स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएं तो किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने रेशम उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक मजबूत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत थारू जनजाति के युवाओं और महिलाओं को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को रेशम उत्पादन, प्रशिक्षण, पावरलूम, प्रसंस्करण और विपणन को एकीकृत करते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
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निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी सतीश पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीट पालन, शहतूत के पौधों के वितरण, रेशम कीटों की उपलब्धता, ककून उत्पादन और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में यदि ककून या रेशम धागे की बिक्री के बजाय स्थानीय स्तर पर रेशमी कपड़े और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएं तो किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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उन्होंने रेशम उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक मजबूत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत थारू जनजाति के युवाओं और महिलाओं को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को रेशम उत्पादन, प्रशिक्षण, पावरलूम, प्रसंस्करण और विपणन को एकीकृत करते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
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निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक रेशम, जिला रेशम अधिकारी सतीश पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।