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Balrampur News: अपनों का जीवन संवारने को कड़ी धूप में तपते रहे परिजन
Sat, 24 Aug 2024 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 24 Aug 2024 11:29 PM IST
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एक हजार किलोमीटर की दूरी तय कर कोई अभ्यर्थी बाबा के साथ तो कोई नाना के साथ आया था परीक्षा देने
बलरामपुर। सिपाही भर्ती परीक्षा में हर दिन अलग-अलग प्रेरणादायक नजारा देखने को मिल रहा है। अपनों का जीवन संवारने के लिए बुजुर्ग भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अपने पोते को तो कोई नाती व नातिन को परीक्षा दिलवाने के लिए सात सौ से एक हजार किलोमीटर तक की दूरी तय कर रहे हैं। मौसम भी परीक्षार्थियों व परिजनों की खूब परीक्षा ले रही है। पहले दिन जहां भारी बारिश ने परेशानी पैदा की। वहीं, दूसरे दिन कड़ी धूप की वजह से अभ्यर्थी परेशान नजर आए।
राजस्थान से अपने पोते वीरेंद्र को परीक्षा दिलवाने आए राम सहज ने बताया कि बेटे की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। पोते ने यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए फाॅर्म भरा था। इतनी दूर उसे अकेले नहीं भेज सकता था, इसलिए उसके साथ आया हूं। मेरी उम्र भले ही 75 साल की हो गई है लेकिन, अपनों का भविष्य संवारने के लिए अभी भी कड़ी मेहनत कर रहा हूं।
बिहार के छपरा से आए अशोक ने बताया कि नातिन खुशबू यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए परीक्षा देने आई है। बेटा मुंबई में रहकर मजदूरी करता है। नातिन को सिपाही की नौकरी मिल जाए, बस यही तमन्ना है। वहीं, मध्य प्रदेश से आए रियाज ने बताया कि बेटे को परीक्षा दिलवाने के लिए आए हैं। शहर में कोई होटल व लॉज नहीं मिला तो एमएलके पीजी कॉलेज के बगल ही रात गुजारनी पड़ी। सुबह से ही तेज धूप हो रही है लेकिन ठहरने के लिए कोई स्थान नहीं है। बेटे की परीक्षा होने के बाद आज ही लौट जाऊंगा।
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बलरामपुर। सिपाही भर्ती परीक्षा में हर दिन अलग-अलग प्रेरणादायक नजारा देखने को मिल रहा है। अपनों का जीवन संवारने के लिए बुजुर्ग भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अपने पोते को तो कोई नाती व नातिन को परीक्षा दिलवाने के लिए सात सौ से एक हजार किलोमीटर तक की दूरी तय कर रहे हैं। मौसम भी परीक्षार्थियों व परिजनों की खूब परीक्षा ले रही है। पहले दिन जहां भारी बारिश ने परेशानी पैदा की। वहीं, दूसरे दिन कड़ी धूप की वजह से अभ्यर्थी परेशान नजर आए।
राजस्थान से अपने पोते वीरेंद्र को परीक्षा दिलवाने आए राम सहज ने बताया कि बेटे की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। पोते ने यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए फाॅर्म भरा था। इतनी दूर उसे अकेले नहीं भेज सकता था, इसलिए उसके साथ आया हूं। मेरी उम्र भले ही 75 साल की हो गई है लेकिन, अपनों का भविष्य संवारने के लिए अभी भी कड़ी मेहनत कर रहा हूं।
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बिहार के छपरा से आए अशोक ने बताया कि नातिन खुशबू यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए परीक्षा देने आई है। बेटा मुंबई में रहकर मजदूरी करता है। नातिन को सिपाही की नौकरी मिल जाए, बस यही तमन्ना है। वहीं, मध्य प्रदेश से आए रियाज ने बताया कि बेटे को परीक्षा दिलवाने के लिए आए हैं। शहर में कोई होटल व लॉज नहीं मिला तो एमएलके पीजी कॉलेज के बगल ही रात गुजारनी पड़ी। सुबह से ही तेज धूप हो रही है लेकिन ठहरने के लिए कोई स्थान नहीं है। बेटे की परीक्षा होने के बाद आज ही लौट जाऊंगा।
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