{"_id":"6ace728c4dc5e9c2f20c9b1a","slug":"experiments-to-make-science-learning-engaging-teachers-trained-in-lab-management-techniques-balrampur-news-c-99-1-slko1018-156323-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: प्रयोगों से विज्ञान की पढ़ाई होगी रोचक, शिक्षकों को सिखाए लैब संचालन के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: प्रयोगों से विज्ञान की पढ़ाई होगी रोचक, शिक्षकों को सिखाए लैब संचालन के गुर
Tue, 13 Oct 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 13 Oct 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
फोटो-35-बलरामपुर में आयोजित प्रशिक्षण में मौजूद शिक्षक।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय धुसाह में पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को समापन हो गया। अंतिम दिन शिक्षकों को विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभावी संचालन, वैज्ञानिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से पढ़ाई को रोचक बनाने के तरीके बताए गए। किताबी ज्ञान को प्रयोगों से जोड़कर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षक प्रतीक कुशवाहा ने कहा कि प्रयोगों के माध्यम से पढ़ाई कराने से बच्चों की विषय के प्रति रुचि बढ़ती है। विज्ञान और गणित जैसे विषयों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगशाला में गतिविधियों के जरिए समझाया जाए तो बच्चे कठिन अवधारणाओं को आसानी से सीख सकते हैं। इससे उनमें सवाल पूछने, तर्क करने और स्वयं प्रयोग करके निष्कर्ष निकालने की प्रवृत्ति विकसित होती है। उन्होंने शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में गतिविधि आधारित पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्रयोगशाला में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों, प्रयोग सामग्री और आधुनिक संसाधनों के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन कर उनकी प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। साथ ही उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव और निर्धारित मानकों के अनुसार भंडारण की जानकारी भी दी गई।
विज्ञापन
शिविर के समापन पर शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग करने और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को रटने के बजाय समझकर सीखने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अरुण कुमार यादव, विजय वर्मा, रश्मि शर्मा, अरविंद गुप्ता, अंकित चौधरी और मनोज कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रशिक्षक प्रतीक कुशवाहा ने कहा कि प्रयोगों के माध्यम से पढ़ाई कराने से बच्चों की विषय के प्रति रुचि बढ़ती है। विज्ञान और गणित जैसे विषयों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगशाला में गतिविधियों के जरिए समझाया जाए तो बच्चे कठिन अवधारणाओं को आसानी से सीख सकते हैं। इससे उनमें सवाल पूछने, तर्क करने और स्वयं प्रयोग करके निष्कर्ष निकालने की प्रवृत्ति विकसित होती है। उन्होंने शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में गतिविधि आधारित पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्रयोगशाला में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों, प्रयोग सामग्री और आधुनिक संसाधनों के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन कर उनकी प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। साथ ही उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव और निर्धारित मानकों के अनुसार भंडारण की जानकारी भी दी गई।
विज्ञापन
शिविर के समापन पर शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग करने और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को रटने के बजाय समझकर सीखने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अरुण कुमार यादव, विजय वर्मा, रश्मि शर्मा, अरविंद गुप्ता, अंकित चौधरी और मनोज कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।