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Balrampur News: एक साल बाद भी अधर में 7.27 करोड़ की पेयजल परियोजना
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बलरामपुर के मथुरा बाजार में पानी टंकी का बनाया गया पीलर ।-संवाद
ललिया। हरैया सतघरवा ब्लॉक के मथुरा बाजार में 7.27 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई जल जीवन मिशन की महत्वाकांक्षी पेयजल परियोजना एक साल बाद भी अधूरी है। 01 जनवरी 2025 काम पूरा होने की समय सीमा थी, लेकिन समय गुजरने के एक साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। पानी टंकी के निर्माण के नाम पर अब तक सिर्फ पिलर ही खड़े हो पाए हैं, जबकि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कें भी बदहाल छोड़ दी गई हैं। इससे बाजार और आसपास के गांवों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
परियोजना शुरू होने के साथ ही ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा और हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचेगा, लेकिन समय बीतने के साथ उनकी उम्मीदें टूटती जा रही हैं। जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे बारिश में कीचड़ और गर्मी में धूल उड़ती रहती है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार सुध लेने नहीं पहुंचते।
ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामवासी गोविंद पाठक ने बताया कि एक साल पहले काम शुरू हुआ था, तब जल्द पानी मिलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज तक टंकी का ढांचा भी पूरा नहीं हो सका। राकेश कसौधन ने कहा कि सड़क खोदकर छोड़ देने से बच्चों और बुजुर्गों को चलने में दिक्कत होती है। पप्पू गुप्ता का कहना है कि बाजार क्षेत्र होने के कारण रोज सैकड़ों लोग आते-जाते हैं, मगर खराब सड़कों से व्यापार प्रभावित हो रहा है। शिवकुमार ने चेताया कि यदि शीघ्र काम पूरा न हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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तकनीकी कारणों से हुई देरी
परियोजना में कुछ तकनीकी के कारण देरी हुई है। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य में तेजी लाई जाए। पानी टंकी का निर्माण और सड़क मरम्मत का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। शीघ्र ही योजना पूरी कर लोगों को राहत दी जाएगी।
- संदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण
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परियोजना शुरू होने के साथ ही ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा और हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचेगा, लेकिन समय बीतने के साथ उनकी उम्मीदें टूटती जा रही हैं। जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे बारिश में कीचड़ और गर्मी में धूल उड़ती रहती है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार सुध लेने नहीं पहुंचते।
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ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामवासी गोविंद पाठक ने बताया कि एक साल पहले काम शुरू हुआ था, तब जल्द पानी मिलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज तक टंकी का ढांचा भी पूरा नहीं हो सका। राकेश कसौधन ने कहा कि सड़क खोदकर छोड़ देने से बच्चों और बुजुर्गों को चलने में दिक्कत होती है। पप्पू गुप्ता का कहना है कि बाजार क्षेत्र होने के कारण रोज सैकड़ों लोग आते-जाते हैं, मगर खराब सड़कों से व्यापार प्रभावित हो रहा है। शिवकुमार ने चेताया कि यदि शीघ्र काम पूरा न हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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तकनीकी कारणों से हुई देरी
परियोजना में कुछ तकनीकी के कारण देरी हुई है। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य में तेजी लाई जाए। पानी टंकी का निर्माण और सड़क मरम्मत का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। शीघ्र ही योजना पूरी कर लोगों को राहत दी जाएगी।
- संदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण