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उद्यमियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
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बलरामपुर। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के दस्तकारों व पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रदेश में लागू की गई है। उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि करने के लिए उद्यमियों को छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे कारोबार में वृद्धि हो सके।
उपायुक्त उद्योग राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को बताया कि सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम नीति 2017 के तहत उत्तर प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के दस्तकारों और पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की गई है।
नाई, राज मिस्त्री, कुम्हार, टोकरी बुनकर, लोहार, सोनार, बढ़ई, दर्जी व हलवाई के आजीविका साधनों को बेहतर बनाने और जीवन स्तर को उन्नत किए जाने के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। प्रशिक्षण निशुल्क व आवासीय होगा। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिले के बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जैसे राइस मिल, दाल मिल, नूडल्स निर्माण, मसाला, अचार व फल आदि का कारोबार करने वालों की मदद की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वन आधारित उद्योग जैसे मेंहदी, हर्बल, औषधि, झाडू निर्माण व अगरबत्ती और हस्त निर्मित कागज, रेशा उद्योग, खनिज उद्योग, रसायन उद्योग जैसे जूता, बैग, साबुन आदि निर्माण पर कारोबारियों को मदद की जाएगी। सेवा उद्योग जैसे कंप्यूटर व ऑटो मोबाइल वर्कशाप आदि के लिए मदद की जाएगी।
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उपायुक्त उद्योग राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को बताया कि सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम नीति 2017 के तहत उत्तर प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के दस्तकारों और पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की गई है।
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नाई, राज मिस्त्री, कुम्हार, टोकरी बुनकर, लोहार, सोनार, बढ़ई, दर्जी व हलवाई के आजीविका साधनों को बेहतर बनाने और जीवन स्तर को उन्नत किए जाने के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। प्रशिक्षण निशुल्क व आवासीय होगा। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिले के बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जैसे राइस मिल, दाल मिल, नूडल्स निर्माण, मसाला, अचार व फल आदि का कारोबार करने वालों की मदद की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वन आधारित उद्योग जैसे मेंहदी, हर्बल, औषधि, झाडू निर्माण व अगरबत्ती और हस्त निर्मित कागज, रेशा उद्योग, खनिज उद्योग, रसायन उद्योग जैसे जूता, बैग, साबुन आदि निर्माण पर कारोबारियों को मदद की जाएगी। सेवा उद्योग जैसे कंप्यूटर व ऑटो मोबाइल वर्कशाप आदि के लिए मदद की जाएगी।