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Balrampur News: महबूब और नवीन की संपत्तियों पर भी ईडी की नजर
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बलरामपुर। अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के सहयोगियों पर ईडी की कार्रवाई अब और तेज होगी। छांगुर के बेटे महबूब और नीतू के पति नवीन की संपत्तियों की भी पड़ताल हो रही है। इन दोनाें के नाम कई संपत्तियां हैं, जिसे एग्रीमेंट के आधार पर छिपाया गया है। उतरौला के साथ ही आसपास के गांवों में भी इनकी बड़ी जमीनें हैं।
ईडी ने उतरौला के छह लोगों से पूछताछ के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है। नीतू की संपत्तियों को जब्त करने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। इससे माना जा रहा है कि छांगुर के करीबियों पर ईडी की सीधी नजर है। कुछ राजस्व व न्यायिककर्मी भी कार्रवाई की जद में हैं। एक न्यायिककर्मी राजेश उपाध्याय को तो एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी भी शहर के धुसाह व लखनऊ चिनहट में संपत्तियों के होने का सुराग मिला है।
ईडी की टीम ने पूर्व में चिनहट में राजेश उपाध्याय के घर जांच भी की थी। इसके अलावा छांगुर से जुड़े लोगों को खंगाला जा रहा है, जिसमें महराष्ट्र और पुणे की जमीनें भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुणे में जमीन भी एग्रीमेंट पर ही ली गई थी, जिसकी कीमत 16 करोड़ है, लेकिन एग्रीमेंट मामूली रकम देकर ही कराया गया था।
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ईडी ने उतरौला के छह लोगों से पूछताछ के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है। नीतू की संपत्तियों को जब्त करने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। इससे माना जा रहा है कि छांगुर के करीबियों पर ईडी की सीधी नजर है। कुछ राजस्व व न्यायिककर्मी भी कार्रवाई की जद में हैं। एक न्यायिककर्मी राजेश उपाध्याय को तो एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी भी शहर के धुसाह व लखनऊ चिनहट में संपत्तियों के होने का सुराग मिला है।
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ईडी की टीम ने पूर्व में चिनहट में राजेश उपाध्याय के घर जांच भी की थी। इसके अलावा छांगुर से जुड़े लोगों को खंगाला जा रहा है, जिसमें महराष्ट्र और पुणे की जमीनें भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुणे में जमीन भी एग्रीमेंट पर ही ली गई थी, जिसकी कीमत 16 करोड़ है, लेकिन एग्रीमेंट मामूली रकम देकर ही कराया गया था।
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