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Balrampur News: मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के संस्थागत विकास पर मंथन
Sat, 30 May 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 30 May 2026 11:08 PM IST
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बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की परामर्शदात्री समिति एवं प्रवेश समिति की संयुक्त ऑनलाइन बैठक शनिवार को कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, सामाजिक और संस्थागत विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कुलपति ने नवगठित परामर्शदात्री समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समिति के सदस्य विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करें और अपने अनुभवों व सुझावों से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहयोग दें। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों और भावी योजनाओं की भी जानकारी साझा की। बैठक में परामर्शदात्री समिति के संयोजक सर्वेश सिंह ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। सदस्य मनीष मल्होत्रा ने पाठ्यक्रमों में नानाजी देशमुख के जीवन और विचारों से जुड़े विस्तृत अभिलेख शामिल करने का सुझाव दिया। रामकृष्ण तिवारी ने दीनदयाल शोध संस्थान के अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग का भरोसा दिलाया। जानकी शरण द्विवेदी ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट करने और सभी पाठ्यक्रमों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की सलाह दी। वहीं पंकज मिश्रा ने संबद्ध महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। अन्य सदस्यों ने सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम, गोष्ठियों के आयोजन और ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय की पहुंच बढ़ाने के सुझाव दिए। बैठक के अंत में कुलसचिव परमानंद सिंह ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
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कुलपति ने नवगठित परामर्शदात्री समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समिति के सदस्य विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करें और अपने अनुभवों व सुझावों से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहयोग दें। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों और भावी योजनाओं की भी जानकारी साझा की। बैठक में परामर्शदात्री समिति के संयोजक सर्वेश सिंह ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। सदस्य मनीष मल्होत्रा ने पाठ्यक्रमों में नानाजी देशमुख के जीवन और विचारों से जुड़े विस्तृत अभिलेख शामिल करने का सुझाव दिया। रामकृष्ण तिवारी ने दीनदयाल शोध संस्थान के अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग का भरोसा दिलाया। जानकी शरण द्विवेदी ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट करने और सभी पाठ्यक्रमों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की सलाह दी। वहीं पंकज मिश्रा ने संबद्ध महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। अन्य सदस्यों ने सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम, गोष्ठियों के आयोजन और ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय की पहुंच बढ़ाने के सुझाव दिए। बैठक के अंत में कुलसचिव परमानंद सिंह ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
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