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Balrampur News: बच्चों की शिक्षा की चुनौतियों और समाधान पर चर्चा
Sat, 21 Feb 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:34 PM IST
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बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन शनिवार को हुआ। संगोष्ठी में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका का मूल्यांकन करते हुए वंचित बच्चों की शिक्षा में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की गई। गोष्ठी में विभिन्न प्रदेशों से लगभग 200 शिक्षाविद और शोधार्थियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एमएलके महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि संगोष्ठी का उद्देश्य सरकारी योजनाओं एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका का मूल्यांकन करने के साथ यह समझना है कि यह वंचित बच्चों तक किस हद तक पहुंच बना पा रही है। उन्होंने समावेशी व समान अवसर आधारित शिक्षा के लिए व्यावहारिक व स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के बावजूद वंचित वर्ग आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से क्यों दूर है, इसका तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन जरूरी है। उन्होंने इसके लिए गरीबी, अशिक्षा, सामाजिक भेदभाव, संसाधनों की कमी एवं प्रशासनिक चुनौतियों को प्रमुख कारण बताया।
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राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एमएलके महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि संगोष्ठी का उद्देश्य सरकारी योजनाओं एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका का मूल्यांकन करने के साथ यह समझना है कि यह वंचित बच्चों तक किस हद तक पहुंच बना पा रही है। उन्होंने समावेशी व समान अवसर आधारित शिक्षा के लिए व्यावहारिक व स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
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मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के बावजूद वंचित वर्ग आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से क्यों दूर है, इसका तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन जरूरी है। उन्होंने इसके लिए गरीबी, अशिक्षा, सामाजिक भेदभाव, संसाधनों की कमी एवं प्रशासनिक चुनौतियों को प्रमुख कारण बताया।
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