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Balrampur News: प्रदोष व्रत पर देवीपाटन मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
Fri, 12 Jun 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 12 Jun 2026 11:09 PM IST
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फोटो-26-बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु ।-संवाद
फोटो-26
तुलसीपुर। आखिरी प्रदोष व्रत और मलमास के विशेष संयोग पर शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में शुक्रवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी और भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर के मुख्य पुजारी रामनाथ ने बताया कि मलमास में पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना और व्रत करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पुजारी विशेष नाथ योगी ने कहा कि इस वर्ष का आखिरी प्रदोष व्रत आध्यात्मिक शुद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी कारण जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने माता रानी और भोलेनाथ के जयकारों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक उत्साह, दिव्य ऊर्जा और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा।
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तुलसीपुर। आखिरी प्रदोष व्रत और मलमास के विशेष संयोग पर शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में शुक्रवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी और भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर के मुख्य पुजारी रामनाथ ने बताया कि मलमास में पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना और व्रत करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पुजारी विशेष नाथ योगी ने कहा कि इस वर्ष का आखिरी प्रदोष व्रत आध्यात्मिक शुद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी कारण जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने माता रानी और भोलेनाथ के जयकारों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक उत्साह, दिव्य ऊर्जा और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा।
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