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भिंडी व मटर से भी सस्ता बिक रहा मुर्गा
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बलरामपुर में ग्राहकों के न आने से सूनी पड़ी चिकन की दुकान।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। कोरोना वायरस के चलते पोल्ट्री उद्योग पर भारी मंदी मंडराने लगी है। आलम यह है कि भिंडी व मटर से भी सस्ता मुर्गा बिकने लगा है। हालांकि मटन का भाव करीब 25 प्रतिशत बढ़ गया है। 500 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला मटन होली से 600 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।
बीते दिनों पूरी दुनिया में महामारी बने कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग तेजी से शाकाहारी बनने लगे हैं। इसी वायरस के भय के कारण तेजी से फल फूल रहे पोल्ट्री उद्योग भयंकर मंदी के दौर से गुजर रहा है। इस समय खड़े मुर्गे का दाम भिंडी व मटर से भी कम हो गया है। 15 दिन पहले 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला खड़ा मुर्गा अब 40 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा है। बाजार में ताजी भिंडी व हरी मटर का रेट 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम है। यह मंदी कब तक रहेगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
चिकन व्यवसायी रज्जब अली तथा पोल्ट्री व्यवसायी श्यामू सिंह आदि ने बताया कि पोल्ट्री व्यवसाय पर कोरोना की वजह से छाई मंदी से कारोबार चौपट हो गया है। उत्पादन लागत भी डूब गई है। यही आलम रहा तो लोग इस व्यवसाय से किनारा कर लेंगे। सब्जी विक्रेता अकीब व मोहसिन ने बताया कि सब्जी की बिक्री में विगत 15 दिनों से 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। लोग तेजी से शाकाहार अपना रहे हैं। यह कोरोना के डर से हो रहा है।
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कोरोना से बचाव व जागरूकता को लेकर भी लोगों से शाकाहार अपनाने की अपील भी इसकी प्रमुख वजह है। मटन व्यवसायी पुत्तन ने बताया कि चिकन की बिक्री में कमी आने के चलते मटन की मांग बढ़ गई है। होली से मटन का भाव 500 की जगह 600 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। ऐसा बकरों के दाम में आई तेजी के कारण हुआ है।
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बीते दिनों पूरी दुनिया में महामारी बने कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग तेजी से शाकाहारी बनने लगे हैं। इसी वायरस के भय के कारण तेजी से फल फूल रहे पोल्ट्री उद्योग भयंकर मंदी के दौर से गुजर रहा है। इस समय खड़े मुर्गे का दाम भिंडी व मटर से भी कम हो गया है। 15 दिन पहले 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला खड़ा मुर्गा अब 40 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा है। बाजार में ताजी भिंडी व हरी मटर का रेट 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम है। यह मंदी कब तक रहेगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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चिकन व्यवसायी रज्जब अली तथा पोल्ट्री व्यवसायी श्यामू सिंह आदि ने बताया कि पोल्ट्री व्यवसाय पर कोरोना की वजह से छाई मंदी से कारोबार चौपट हो गया है। उत्पादन लागत भी डूब गई है। यही आलम रहा तो लोग इस व्यवसाय से किनारा कर लेंगे। सब्जी विक्रेता अकीब व मोहसिन ने बताया कि सब्जी की बिक्री में विगत 15 दिनों से 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। लोग तेजी से शाकाहार अपना रहे हैं। यह कोरोना के डर से हो रहा है।
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कोरोना से बचाव व जागरूकता को लेकर भी लोगों से शाकाहार अपनाने की अपील भी इसकी प्रमुख वजह है। मटन व्यवसायी पुत्तन ने बताया कि चिकन की बिक्री में कमी आने के चलते मटन की मांग बढ़ गई है। होली से मटन का भाव 500 की जगह 600 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। ऐसा बकरों के दाम में आई तेजी के कारण हुआ है।