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नहाय खाय के साथ छठ महापर्व का आगाज
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बलरामपुर। सूर्य देव की उपासना के लिए महापर्व छठ का आगाज सोमवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है। चार दिवसीय अनुष्ठान के दौरान सूर्य देव की उपासना करके श्रद्धालु दीर्घायु व सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगेंगे।
नौ नवंबर को खरना, 10 नवंबर को डूबते सूर्य व 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ महापर्व के श्रद्धालुओं का उपवास पूरा होगा। छठ महापर्व की तैयारी को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिख रहा है। श्रद्धालुओं ने घरों में नहाय खाय के साथ महापर्व छठ के व्रत का संकल्प लिया है।
सुरेशी मिश्र व अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि नहाय खाय के साथ सोमवार से चार दिवसीय छठ महापर्व का शुभारंभ हो गया है। सुबह नहाकर साफ व नए वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लिया गया। छठ महापर्व पर उपासना के दौरान प्याज व लहसुन सहित अनेक चीजों का परहेज किया जाएगा।
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चार दिवसीय अनुष्ठान में सीमित फल व सब्जियों का सेवन कर सूर्य की उपासन करेंगे। व्रतधारी के भोजन करने के बाद ही परिवार के अन्य लोग भी शुद्घ शाकाहारी भोजन करेंगे।
व्रतधारियों को सुबह और शाम को ही भोजन करना होता है। सूर्य की उपासना करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी होंगी। दठ महापर्व की उपासना करने से कंचन काया, तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति, दीर्घायु व घर-परिवार में समृद्धि बढ़ती है। बलरामपुर चीनी मिल, शुगर कंपनी तुलसीपुर, बजाज चीनी मिल इटईमैदा व जिले के अन्य कई स्थानों पर छठ महापर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
नौ नवंबर को खरना होगा। झारखंडी मंदिर सरोवर,राप्ती नदी व अन्य कई पवित्र सरोवरों में श्रद्धालु स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देंगे। 10 नवंबर को डूबते सूर्य व 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालुओं का उपवास पूरा होगा। नगर पालिका परिषद बलरामपुर की अध्यक्ष किताबुन्निशा के प्रतिनिधि शाबान अली ने झारखंडी मंदिर सरोवर के घाट की साफ-सफाई कराई है।
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नौ नवंबर को खरना, 10 नवंबर को डूबते सूर्य व 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ महापर्व के श्रद्धालुओं का उपवास पूरा होगा। छठ महापर्व की तैयारी को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिख रहा है। श्रद्धालुओं ने घरों में नहाय खाय के साथ महापर्व छठ के व्रत का संकल्प लिया है।
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सुरेशी मिश्र व अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि नहाय खाय के साथ सोमवार से चार दिवसीय छठ महापर्व का शुभारंभ हो गया है। सुबह नहाकर साफ व नए वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लिया गया। छठ महापर्व पर उपासना के दौरान प्याज व लहसुन सहित अनेक चीजों का परहेज किया जाएगा।
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चार दिवसीय अनुष्ठान में सीमित फल व सब्जियों का सेवन कर सूर्य की उपासन करेंगे। व्रतधारी के भोजन करने के बाद ही परिवार के अन्य लोग भी शुद्घ शाकाहारी भोजन करेंगे।
व्रतधारियों को सुबह और शाम को ही भोजन करना होता है। सूर्य की उपासना करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी होंगी। दठ महापर्व की उपासना करने से कंचन काया, तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति, दीर्घायु व घर-परिवार में समृद्धि बढ़ती है। बलरामपुर चीनी मिल, शुगर कंपनी तुलसीपुर, बजाज चीनी मिल इटईमैदा व जिले के अन्य कई स्थानों पर छठ महापर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
नौ नवंबर को खरना होगा। झारखंडी मंदिर सरोवर,राप्ती नदी व अन्य कई पवित्र सरोवरों में श्रद्धालु स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देंगे। 10 नवंबर को डूबते सूर्य व 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालुओं का उपवास पूरा होगा। नगर पालिका परिषद बलरामपुर की अध्यक्ष किताबुन्निशा के प्रतिनिधि शाबान अली ने झारखंडी मंदिर सरोवर के घाट की साफ-सफाई कराई है।