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जलाशयों से निकली नहरें सरयू मुख्य नहर से होगी लिंक
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बलरामपुर। जिले में असिचिंत क्षेत्र को सिंचित करने के लिए करीब 9 प्राकृतिक जलाशयों से निकली नहरों को भी सरयू मुख्य नहर से संजीवनी मिलेगी। हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी तथा पचपेड़वा ब्लाक में जलाशयों से निकली छोटी और बड़ी नहरों को अब सरयू मुख्य नहर से जोड़ा जाएगा। सरयू नहर से जुड़ने पर इन नहरों से किसानों को हर सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
विदित हो कि चित्तौड़गढ़, खैरमान, भगवानपुर, बघेलखंड तथा कोहरगड्डी आदि जलाशयों से निकली नहरों में इन जलाशयों से पानी छोड़कर किसानों को सिंचाई की सुविधा दी जाती थी। कम बारिश होने अथवा जलाशयों मे सिल्ट आदि जमा होने से पानी की कमी हो जाती थी।
ऐसे में इनसे निकली नहरों में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं हो पाता था। सरयू मुख्य नहर से लिंक होने पर अब इन नहरों में पानी की कमी नहीं होगी। अब वर्ष भर यह नहरें समय-समय पर किसानों को पानी उपलब्ध करा पाएगी। जिले से सरयू मुख्य नहर की कुल लंबाई 100 किमी के आस पास है।
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राप्ती नहर परियोजना के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि सरयू नहर कुल 9 जिलों से होकर गुजरेगी। 8 जिलों में इस नहर से नई लिंक नहरों का निर्माण किया जाएगा। बलरामपुर में सरयू नहर की कोई नई लिंक नहर नहीं बनाई जाएगी। इनकी जगह जलाशयों से निकली नहरों को सरयू मुख्य नहर से लिंक कर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि सरयू नहर की दोनों पटरियों पर 318 किमी लंबी सड़क भी बन सकती है। सड़क बनाने का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग की तरफ से भेजकर स्वीकृत कराया जा सकता है। दोनों पटरियों पर सड़क बनने से न केवल नेपाल सीमा क्षेत्र के लोगों को सुगम यात्रा का साधन मिलेगा। बल्कि इससे प्रदेश के 9 जिलों को एक ही सड़क से जोड़ा जा सकता है।
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विदित हो कि चित्तौड़गढ़, खैरमान, भगवानपुर, बघेलखंड तथा कोहरगड्डी आदि जलाशयों से निकली नहरों में इन जलाशयों से पानी छोड़कर किसानों को सिंचाई की सुविधा दी जाती थी। कम बारिश होने अथवा जलाशयों मे सिल्ट आदि जमा होने से पानी की कमी हो जाती थी।
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ऐसे में इनसे निकली नहरों में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं हो पाता था। सरयू मुख्य नहर से लिंक होने पर अब इन नहरों में पानी की कमी नहीं होगी। अब वर्ष भर यह नहरें समय-समय पर किसानों को पानी उपलब्ध करा पाएगी। जिले से सरयू मुख्य नहर की कुल लंबाई 100 किमी के आस पास है।
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राप्ती नहर परियोजना के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि सरयू नहर कुल 9 जिलों से होकर गुजरेगी। 8 जिलों में इस नहर से नई लिंक नहरों का निर्माण किया जाएगा। बलरामपुर में सरयू नहर की कोई नई लिंक नहर नहीं बनाई जाएगी। इनकी जगह जलाशयों से निकली नहरों को सरयू मुख्य नहर से लिंक कर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि सरयू नहर की दोनों पटरियों पर 318 किमी लंबी सड़क भी बन सकती है। सड़क बनाने का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग की तरफ से भेजकर स्वीकृत कराया जा सकता है। दोनों पटरियों पर सड़क बनने से न केवल नेपाल सीमा क्षेत्र के लोगों को सुगम यात्रा का साधन मिलेगा। बल्कि इससे प्रदेश के 9 जिलों को एक ही सड़क से जोड़ा जा सकता है।