{"_id":"62a238bdbdea9f40071dd844","slug":"brikfeld-balrampur-news-lko6344829124","type":"story","status":"publish","title_hn":"भट्ठों पर लगेगा संचालन बंद रखने का बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भट्ठों पर लगेगा संचालन बंद रखने का बोर्ड
विज्ञापन
फोटो-2-लखनऊ में आयोजित ईट निर्माता समिति की बैठक में शामिल जिले के पदाधिकारी।-सौ. मारूफ खां
- फोटो : BALRAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। जिले के सभी 150 ईंट-भट्ठों का संचालन बंद रखने का बोर्ड लगाया जाएगा। ईंट निर्माता समिति की बैठक में गुरुवार को सर्वसम्मति से सत्र 2022-23 में भट्ठों का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया है। भट्ठा संचालन बंद होने से श्रमिकों के बेरोजगारी के साथ निर्माण कार्यों पर विपरीत असर पड़ेगा। ईंट निर्माता समिति की तरफ से सरकार से मदद करने की मांग की गई है। बीते दिन लखनऊ में हुई बैठक में जिले के ईंट निर्माताओं ने शामिल होकर उनके निर्देश के आधार पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
ईंट निर्माता कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष मारूफ खां, महामंत्री सुभाष चंद्र मिश्र, कोषाध्यक्ष राधाकृष्ण, विजय यादव, खलील अहमद, शिवाकांत वर्मा, शफीक अहमद, गुलाब पाठक, दिलीप तोलानी व शत्रुहन वर्मा आदि भट्ठा संचालक लखनऊ की बैठक में शामिल हुए। कोषाध्यक्ष ने बताया कि बैठक में विधान परिषद सदस्य पवन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अतुल सिंह, महामंत्री गोपी श्रीवास्तव, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रवींद्र तेवतिया, विजय गोयल व पूर्व प्रदेश महामंत्री आदि ने सुझाव दिया है कि सत्र 2022-23 में सभी ईंट भट्ठों का संचालन बंद रखने के लिए बोर्ड लगा दिए जाए।
ईंट निर्माता समिति लखनऊ के सुझाव पर जिले के करीब 150 ईंट भट्ठों पर बंद रखने का बोर्ड लगाया जाएगा। कोयला व जीएसटी की अप्रत्याशित वृद्धि, लाल ईंटों का सरकारी कार्यों में प्रतिबंध, मिट्टी खोदाई में परेशानी व जेसीबी संचालन में आ रही दिक्कतों के चलते ईंट भट्ठा संचालन बंद रखने का निर्णय लिया गया है। रोजगार परक कुटीर उद्योग को बचाने के लिए ईंट भट्ठा संचालकों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। जिले के 150 ईंट भट्ठों का संचालन बंद होने से 25 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे। समिति ने सरकार से मदद करने की गुहार लगाई है, रोजगार देने वाले भट्ठा उद्योग को बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
ईंट निर्माता कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष मारूफ खां, महामंत्री सुभाष चंद्र मिश्र, कोषाध्यक्ष राधाकृष्ण, विजय यादव, खलील अहमद, शिवाकांत वर्मा, शफीक अहमद, गुलाब पाठक, दिलीप तोलानी व शत्रुहन वर्मा आदि भट्ठा संचालक लखनऊ की बैठक में शामिल हुए। कोषाध्यक्ष ने बताया कि बैठक में विधान परिषद सदस्य पवन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अतुल सिंह, महामंत्री गोपी श्रीवास्तव, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रवींद्र तेवतिया, विजय गोयल व पूर्व प्रदेश महामंत्री आदि ने सुझाव दिया है कि सत्र 2022-23 में सभी ईंट भट्ठों का संचालन बंद रखने के लिए बोर्ड लगा दिए जाए।
विज्ञापन
ईंट निर्माता समिति लखनऊ के सुझाव पर जिले के करीब 150 ईंट भट्ठों पर बंद रखने का बोर्ड लगाया जाएगा। कोयला व जीएसटी की अप्रत्याशित वृद्धि, लाल ईंटों का सरकारी कार्यों में प्रतिबंध, मिट्टी खोदाई में परेशानी व जेसीबी संचालन में आ रही दिक्कतों के चलते ईंट भट्ठा संचालन बंद रखने का निर्णय लिया गया है। रोजगार परक कुटीर उद्योग को बचाने के लिए ईंट भट्ठा संचालकों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। जिले के 150 ईंट भट्ठों का संचालन बंद होने से 25 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे। समिति ने सरकार से मदद करने की गुहार लगाई है, रोजगार देने वाले भट्ठा उद्योग को बचाया जा सके।
विज्ञापन