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निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे बैंक व अन्य विभाग के कर्मी
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फोटो-5-बलरामपुर के भगवतीगंज में एलआईसी आफिस के सामने हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। निजीकरण के विरोध में बैंक, बीमा, बिजली तथा रोडवेज आदि के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के दूूसरे दिन मंगलवार को भी कई बैंक, बीमा कंपनियां, बिजली तथा रोडवेज आदि का काम काज ठप रखा। हड़ताल के कारण दो दिनों में करीब 150 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ हुआ है। हड़ताल के कारण बैंकों के एटीएम भी खाली रहे। लोग नकदी के लिए भटकने को मजबूर हुए।
मंगलवार को स्टेट बैंक आफ इंडिया, ग्रामीण बैंक तथा निजी बैंकों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मियों ने इंडियन बैंक के सामने प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। आल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन तथा इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के कर्मचारियों ने कहा कि सरकार बैंकों का निजीकरण बंद करे। आईडीडीआई बैंक की निजी कंपनी के हाथ न बेंचा जाए। सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग का नियम लागू किया जाए। पेंशन बहाल की जाए। चाइल्ड केयर लीव शुरू की जाए। एनपीएस बंद किया जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। भारतीय जीवन बीमा निगम तथा बैंकों में मिलने वाले मंहगाई भत्ते की विसंगति दूर की जाए।
प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष सीताराम यादव, मंत्री उदय प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह, उदयवीर तथा यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष सीताराम यादव, मंत्री संजय कुमार शुक्ल, रवि प्रताप और राजेश्वरी देवी सहित तमाम बैंक कर्मी शामिल रहे। भारतीय जीवन बिमा निगम ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंपलाइज एसोसिएशन तथा ट्रेड यूनियन के कर्मी भी हड़ताल में पूरी तरह शामिल रहे। बीमा कर्मी जय प्रकाश पांडेय, विवेकानंद पांडेय, सुमन मिश्रा, राधेश्याम सिंह, कनक राम, जतिन चौरसिया व मनोज कुमार आदि ने नई श्रम नीति को रद्द करने की मांग की। इसी तरह उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की इंपलाइन यूनियन तथा यूपीपीसीएल की यूनियन के कर्मी भी अपनी मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए।
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एटीएम दे गए दगा, नहीं मिली नकदी
बैंकों में दो दिनों की हड़ताल के कारण मंगलवार को नगर में लगे कई एटीएम खाली रहे। लोग नकदी के लिए इधर-उधर भटकते दिखे। वीर विनय चौराहे पर मिले शिव कुमार ने बताया कि उन्हें अपने बच्चे के इलाज के लिए पैसे की जरूर थी, लेकिन एटीएम खाली था। इंडियन बैंक के एटीएम पर पैसा निकालने पहुंचे शकील को मशीन में कैश न होने से लौटना पड़ा। प्राइवेट बैंकों के एटीएम भी भारी निकासी के कारण जल्दी ही कैशविहीन हो गए।
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मंगलवार को स्टेट बैंक आफ इंडिया, ग्रामीण बैंक तथा निजी बैंकों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मियों ने इंडियन बैंक के सामने प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। आल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन तथा इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के कर्मचारियों ने कहा कि सरकार बैंकों का निजीकरण बंद करे। आईडीडीआई बैंक की निजी कंपनी के हाथ न बेंचा जाए। सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग का नियम लागू किया जाए। पेंशन बहाल की जाए। चाइल्ड केयर लीव शुरू की जाए। एनपीएस बंद किया जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। भारतीय जीवन बीमा निगम तथा बैंकों में मिलने वाले मंहगाई भत्ते की विसंगति दूर की जाए।
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प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष सीताराम यादव, मंत्री उदय प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह, उदयवीर तथा यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष सीताराम यादव, मंत्री संजय कुमार शुक्ल, रवि प्रताप और राजेश्वरी देवी सहित तमाम बैंक कर्मी शामिल रहे। भारतीय जीवन बिमा निगम ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंपलाइज एसोसिएशन तथा ट्रेड यूनियन के कर्मी भी हड़ताल में पूरी तरह शामिल रहे। बीमा कर्मी जय प्रकाश पांडेय, विवेकानंद पांडेय, सुमन मिश्रा, राधेश्याम सिंह, कनक राम, जतिन चौरसिया व मनोज कुमार आदि ने नई श्रम नीति को रद्द करने की मांग की। इसी तरह उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की इंपलाइन यूनियन तथा यूपीपीसीएल की यूनियन के कर्मी भी अपनी मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए।
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एटीएम दे गए दगा, नहीं मिली नकदी
बैंकों में दो दिनों की हड़ताल के कारण मंगलवार को नगर में लगे कई एटीएम खाली रहे। लोग नकदी के लिए इधर-उधर भटकते दिखे। वीर विनय चौराहे पर मिले शिव कुमार ने बताया कि उन्हें अपने बच्चे के इलाज के लिए पैसे की जरूर थी, लेकिन एटीएम खाली था। इंडियन बैंक के एटीएम पर पैसा निकालने पहुंचे शकील को मशीन में कैश न होने से लौटना पड़ा। प्राइवेट बैंकों के एटीएम भी भारी निकासी के कारण जल्दी ही कैशविहीन हो गए।