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Balrampur News: युवा उद्यमी योजना का ऋण डकार गए बैंक प्रबंधक, दो गिरफ्तार
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बलरामपुर के एसपी कार्यालय पर मौजूद पकड़े गए अभियुक्त।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से स्वीकृत ऋण को दलाल से मिलीभगत कर बैंक प्रबंधक डकार गए। शिकायत पर एसपी ने जांच कराई तो 07 लाख के गबन का खुलासा हुआ। रेहरा बाजार थाने की पुलिस ने खुलासे के बाद एफआईआर दर्ज कर बैंक प्रबंधक व उसके एक करीबी को गिरफ्तार किया है। इसी मामले में एक आरोपी सहायक प्रबंधक रिंकू शर्मा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो जिला कारागार में बंद है। दो आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित की गई है।
इंडियन बैंक शाखा रेहरा बाजार में प्रबंधक समेत चार लोगों ने मिलकर मुख्यमंत्री उद्यमी ऋण योजना में सात लाख रुपये का गबन कर लिया। मामले में रेहरा बाजार शाखा के प्रबंधक अयोध्या प्रसाद जौहरी निवासी मिठाई वाटिका न्यू लिट्रिल चैंप स्कूल पटेल नगर मनिकापुर गोंडा स्थायी पता डुमरियागंज जनपद सिद्धार्धनगर व बृजेश कुमार सिंह निवासी अधीनपुर थाना रेहरा बाजार शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। धोखाधड़ी में शामिल बाकी बचे दो आरोपियों सुरेश वर्मा व मुंशीलाल वर्मा की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।
मामले की शिकायत सुनील कुमार वर्मा निवासी जुवारा ने एसपी विकास कुमार से की थी। आरोप था कि मुख्यमंत्री उद्यम ऋण योजना के तहत इंडियन बैंक शाखा रेहरा बाजार में नौ लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था। लेकिन शाखा प्रबंधक अयोध्या प्रसाद ने अपने सहयोगी रेहरा बाजार में इंडियन बैंक का जन सुविधा केंद्र चलाने वाले रिंकू शर्मा और मुंशीलाल वर्मा निवासी धानेपुर के साथ मिलकर सात लाख रुपये निकाल लिए और सुनील को सिर्फ 99 हजार रुपये दिए गए। एसपी ने मुकदमा दर्ज कराकर मामले की विवेचना कराई। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र में कराई तैनाती, दलाल से कराते थे काम
प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अयोध्या प्रसाद जौहरी ने बताया कि जानबूझकर अपनी तैनाती ग्रामीण क्षेत्र में कराई थी। गांवाें के बैंक में आने वाले कम पढ़े लिखे लोगों को विश्वास में लेकर बेवकूफ बनाकर पैसा कमाना आसान रहता है। बताया कि ऋण आदि के लिए दलाल या अवैध एजेंट बनाते हैं। इन्हीं के माध्यम से ग्राहकों का काम करते हैं। भरोसे में लेकर उनके ऋण का पैसा निकालकर थोड़ा बहुत उनको दे देते हैं। धोखाधड़ी कर लोन का बचा हुआ पैसा गबन कर लेते हैं। शिकायतकर्ता सुनील कुमार वर्मा को 09 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर शिकायतकर्ता को 99 हजार रुपये दिए थे और शेष लगभग 07 लाख रुपये सहयोगियों के साथ मिलकर ले लिए थे। इस ऋण को कराने में बृजेश कुमार की न्यू बृजेश बैटरी सर्विस रेहरा बाजार व करनैलगंज गोंडा की न्यू शक्ति मशीनरी स्टोर का फर्जी कोटेशन व बिल तैयार कराकर ऋण स्वीकृत कराया और बाद में उनको कमीशन देकर रुपये वापस स्वयं प्राप्त कर लिए।
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इंडियन बैंक शाखा रेहरा बाजार में प्रबंधक समेत चार लोगों ने मिलकर मुख्यमंत्री उद्यमी ऋण योजना में सात लाख रुपये का गबन कर लिया। मामले में रेहरा बाजार शाखा के प्रबंधक अयोध्या प्रसाद जौहरी निवासी मिठाई वाटिका न्यू लिट्रिल चैंप स्कूल पटेल नगर मनिकापुर गोंडा स्थायी पता डुमरियागंज जनपद सिद्धार्धनगर व बृजेश कुमार सिंह निवासी अधीनपुर थाना रेहरा बाजार शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। धोखाधड़ी में शामिल बाकी बचे दो आरोपियों सुरेश वर्मा व मुंशीलाल वर्मा की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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मामले की शिकायत सुनील कुमार वर्मा निवासी जुवारा ने एसपी विकास कुमार से की थी। आरोप था कि मुख्यमंत्री उद्यम ऋण योजना के तहत इंडियन बैंक शाखा रेहरा बाजार में नौ लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था। लेकिन शाखा प्रबंधक अयोध्या प्रसाद ने अपने सहयोगी रेहरा बाजार में इंडियन बैंक का जन सुविधा केंद्र चलाने वाले रिंकू शर्मा और मुंशीलाल वर्मा निवासी धानेपुर के साथ मिलकर सात लाख रुपये निकाल लिए और सुनील को सिर्फ 99 हजार रुपये दिए गए। एसपी ने मुकदमा दर्ज कराकर मामले की विवेचना कराई। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र में कराई तैनाती, दलाल से कराते थे काम
प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अयोध्या प्रसाद जौहरी ने बताया कि जानबूझकर अपनी तैनाती ग्रामीण क्षेत्र में कराई थी। गांवाें के बैंक में आने वाले कम पढ़े लिखे लोगों को विश्वास में लेकर बेवकूफ बनाकर पैसा कमाना आसान रहता है। बताया कि ऋण आदि के लिए दलाल या अवैध एजेंट बनाते हैं। इन्हीं के माध्यम से ग्राहकों का काम करते हैं। भरोसे में लेकर उनके ऋण का पैसा निकालकर थोड़ा बहुत उनको दे देते हैं। धोखाधड़ी कर लोन का बचा हुआ पैसा गबन कर लेते हैं। शिकायतकर्ता सुनील कुमार वर्मा को 09 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर शिकायतकर्ता को 99 हजार रुपये दिए थे और शेष लगभग 07 लाख रुपये सहयोगियों के साथ मिलकर ले लिए थे। इस ऋण को कराने में बृजेश कुमार की न्यू बृजेश बैटरी सर्विस रेहरा बाजार व करनैलगंज गोंडा की न्यू शक्ति मशीनरी स्टोर का फर्जी कोटेशन व बिल तैयार कराकर ऋण स्वीकृत कराया और बाद में उनको कमीशन देकर रुपये वापस स्वयं प्राप्त कर लिए।