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भाई की करतूतों से खत्म हो गया परिवार का सम्मान
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गैड़ास बुजुर्ग (बलरामपुर)। आईएसकेपी के अफगानिस्तान व पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में आकर बड़े भाई मुस्तकीम खान उर्फ अबू यूसुफ ने ऐसी गलती की कि पूरा परिवार इसका खामियाजा सालों-साल भुगतेगा। घटना के बाद एक दिन बाजार गये पिता लोगों की छींटाकशी सुनकर बीमार हो गये हैं।
यह कहना है अबू यूसुफ के छोटे भाई आकिब खान का।
आकिब इलाहाबाद में हेल्थ एंड सेफ्टी इनवायरमेंट की पढ़ाई कर बंगलुुरू में रहकर एक कंपनी में नौकरी करता है। लॉकडाउन की वजह से इस समय आकिब घर आया है। गुरुवार को बातचीत के दौरान उसने बताया कि परिवार के लोगों को मुस्तकीम के कृत्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिवार के लोगों का गांव में काफी सम्मान था लेकिन भाई की करतूतों की वजह से अब अपमान झेलना पड़ रहा है। घटना के दिन से ही परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर नहीं निकला है।
बीते दिन पिता कफील खान बाजार गये थे तो लोगों ने भाई की करतूतों को लेकर काफी छींटाकशी की। जिसे सुनकर वह बीमार हो गये हैं। भाई की पत्नी अपने चार बच्चों के साथ घर पर ही है। गांव में किसी गाड़ी की आवाज आती है तो पूरा परिवार दहशत में आ जाता है। परिवार के लोग सोचने लगते हैं कि कौन आया है और किस तरह का सवाल करेगा। गांव में अभी भी सन्नाटा पसरा है।
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आकिब का कहना है कि उसके भाई ने जो गुनाह किया है उसकी सजा उसे मिलनी चाहिए। सरकार को भाई की पत्नी तथा चार छोटे बच्चों का ध्यान रखते हुए सजा में थोड़ी रियायत जरूर करनी चाहिए क्योंकि बच्चे मासूम हैं। उनका कोई दोष नहीं है।
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यह कहना है अबू यूसुफ के छोटे भाई आकिब खान का।
आकिब इलाहाबाद में हेल्थ एंड सेफ्टी इनवायरमेंट की पढ़ाई कर बंगलुुरू में रहकर एक कंपनी में नौकरी करता है। लॉकडाउन की वजह से इस समय आकिब घर आया है। गुरुवार को बातचीत के दौरान उसने बताया कि परिवार के लोगों को मुस्तकीम के कृत्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिवार के लोगों का गांव में काफी सम्मान था लेकिन भाई की करतूतों की वजह से अब अपमान झेलना पड़ रहा है। घटना के दिन से ही परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर नहीं निकला है।
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बीते दिन पिता कफील खान बाजार गये थे तो लोगों ने भाई की करतूतों को लेकर काफी छींटाकशी की। जिसे सुनकर वह बीमार हो गये हैं। भाई की पत्नी अपने चार बच्चों के साथ घर पर ही है। गांव में किसी गाड़ी की आवाज आती है तो पूरा परिवार दहशत में आ जाता है। परिवार के लोग सोचने लगते हैं कि कौन आया है और किस तरह का सवाल करेगा। गांव में अभी भी सन्नाटा पसरा है।
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आकिब का कहना है कि उसके भाई ने जो गुनाह किया है उसकी सजा उसे मिलनी चाहिए। सरकार को भाई की पत्नी तथा चार छोटे बच्चों का ध्यान रखते हुए सजा में थोड़ी रियायत जरूर करनी चाहिए क्योंकि बच्चे मासूम हैं। उनका कोई दोष नहीं है।