{"_id":"5efe0db58ebc3e42f10026ec","slug":"army-officer-not-found-even-after-10-days-balrampur-news-lko5288362120","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 दिन बाद भी सैन्य अधिकारी का नहीं चला पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 दिन बाद भी सैन्य अधिकारी का नहीं चला पता
विज्ञापन
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। लद्दाख स्थित चीन सीमा पर सड़क निर्माण का निरीक्षण कर वापस लौट रहे जिले के सैन्य अधिकारी (तकनीकी) सुबहान अली का मार्ग दुर्घटना में लापता होने के 10वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। लद्दाख पहुंचे सैन्य अधिकारी के भाई ने अभी तक कोई सुराग न मिलने की जानकारी दी है। सैन्य अधिकारी के भाई व परिवारीजन सुबहान अली की तलाश में जुट हुए हैं।
थाना महराजगंज तराई के कौवापुर निवासी शाबान अली ने अपने भाई सुबहान अली के कमरे मेें बैठकर गुरुवार को तलाश के संबंध में जानकारियां साझा की। कौवापुर निवासी सुबहान अली गत वर्ष लोक सेवा आयोग की आईईएस परीक्षा पास कर रक्षा मंत्रालय में सैन्य अधिकारी (तकनीकी) के पद पर नियुक्त हुए थे। इस समय इनकी तैनाती लद्दाख क्षेत्र में हुई। 23 जून को सुबहान अली चीन सीमा पर बन रही सड़क का निरीक्षण करने गए थे। लौटते समय इनकी गाड़ी कई हजार फीट गहरी झील में गिर गई थी।
सेना के सर्च ऑपरेशन में बीते दिनों इनकी गाड़ी तो बरामद हो गई है लेकिन सुबहान व उनके चालक का 10 दिन बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। दिल्ली निवासी सुबहान के बड़े भाई शाबान लगातार सैन्य अधिकारियों से संपर्क करते रहे हैं। बड़े भाई शाबान अली ने बताया कि वह 27 जून को अपने बहनोई मोहम्मद रिजवान और रिश्तेदार हबीब के साथ लद्दाख पहुंच गए।
विज्ञापन
लद्दाख एयरपोर्ट से रिसीव करने के लिए सेना के जवान भी मौके पर पहुंचे और उन्हें घटनास्थल पर ले गए। सैन्य अधिकारियों से मिलकर अपने भाई की तलाश में शाबान अली परिवारीजनों के साथ जुट गए हैं। रोजाना तलाश की जा रही है लेकिन अभी तक सुबहान का कोई अतापता नहीं चल सका है।
विज्ञापन
थाना महराजगंज तराई के कौवापुर निवासी शाबान अली ने अपने भाई सुबहान अली के कमरे मेें बैठकर गुरुवार को तलाश के संबंध में जानकारियां साझा की। कौवापुर निवासी सुबहान अली गत वर्ष लोक सेवा आयोग की आईईएस परीक्षा पास कर रक्षा मंत्रालय में सैन्य अधिकारी (तकनीकी) के पद पर नियुक्त हुए थे। इस समय इनकी तैनाती लद्दाख क्षेत्र में हुई। 23 जून को सुबहान अली चीन सीमा पर बन रही सड़क का निरीक्षण करने गए थे। लौटते समय इनकी गाड़ी कई हजार फीट गहरी झील में गिर गई थी।
विज्ञापन
सेना के सर्च ऑपरेशन में बीते दिनों इनकी गाड़ी तो बरामद हो गई है लेकिन सुबहान व उनके चालक का 10 दिन बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। दिल्ली निवासी सुबहान के बड़े भाई शाबान लगातार सैन्य अधिकारियों से संपर्क करते रहे हैं। बड़े भाई शाबान अली ने बताया कि वह 27 जून को अपने बहनोई मोहम्मद रिजवान और रिश्तेदार हबीब के साथ लद्दाख पहुंच गए।
विज्ञापन
लद्दाख एयरपोर्ट से रिसीव करने के लिए सेना के जवान भी मौके पर पहुंचे और उन्हें घटनास्थल पर ले गए। सैन्य अधिकारियों से मिलकर अपने भाई की तलाश में शाबान अली परिवारीजनों के साथ जुट गए हैं। रोजाना तलाश की जा रही है लेकिन अभी तक सुबहान का कोई अतापता नहीं चल सका है।