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एंबुलेंस कर्मियों ने किया आरपार की लड़ाई का ऐलान, आज से चक्का जाम
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बलरामपुर। एंबुलेंस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मी लगातार तीन दिन से हड़ताल पर हैं। रविवार को जिले के सभी एंबुलेंस कर्मियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के संबंध में जमकर नारेबाजी की। मांगों के संबंध में शासन-प्रशासन की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर एंबुलेंस कर्मियों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए 26 जुलाई से चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में रविवार को धरना प्रदर्शन करते हुए एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों ने जान हथेली पर रखकर मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया।
अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करने वाले एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा का संचालन बदलकर अन्याय किया है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन पहले जीवीके ईएमआरआई कर रही थी लेकिन अब संचालन की जिम्मेदारी जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड को दे दिया गया है।
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नई कंपनी एंबुलेंस कर्मियों की नई भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए हर अभ्यर्थियों से 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा जा रहा है ऐसे में हम लोगों के समक्ष रोजीरोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
एंबुलेंस कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मांग किया कि इस सेवा में ठेका प्रथा को बंद किया जाए। इसके अतिरिक्त 102, 108 एंबुलेंस व एएलएस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने तथा कोरोना काल में शहीद हुए एंबुलेंस कर्मियों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी की गई।
इन लोगों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए 26 जुलाई से एंबुलेंस के चक्के जाम करने की चेतावनी भी दी है। धरना प्रदर्शन में प्रिंस सिंह, बुधराम वर्मा, रमेश मिश्र, अनुज कुमार, अभय वर्मा, राजेंद्र तिवारी, अमरनाथ यादव, अमरदीप उपाध्याय, राजेश पांडेय, विजय पाठक व राम कुमार त्रिपाठी सहित तमाम एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय में रविवार को धरना प्रदर्शन करते हुए एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों ने जान हथेली पर रखकर मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया।
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अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करने वाले एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा का संचालन बदलकर अन्याय किया है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन पहले जीवीके ईएमआरआई कर रही थी लेकिन अब संचालन की जिम्मेदारी जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड को दे दिया गया है।
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नई कंपनी एंबुलेंस कर्मियों की नई भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए हर अभ्यर्थियों से 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा जा रहा है ऐसे में हम लोगों के समक्ष रोजीरोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
एंबुलेंस कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मांग किया कि इस सेवा में ठेका प्रथा को बंद किया जाए। इसके अतिरिक्त 102, 108 एंबुलेंस व एएलएस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने तथा कोरोना काल में शहीद हुए एंबुलेंस कर्मियों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी की गई।
इन लोगों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए 26 जुलाई से एंबुलेंस के चक्के जाम करने की चेतावनी भी दी है। धरना प्रदर्शन में प्रिंस सिंह, बुधराम वर्मा, रमेश मिश्र, अनुज कुमार, अभय वर्मा, राजेंद्र तिवारी, अमरनाथ यादव, अमरदीप उपाध्याय, राजेश पांडेय, विजय पाठक व राम कुमार त्रिपाठी सहित तमाम एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे।