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प्रतिबंधित प्रजाति की मछलियों की बिक्री पर होगी कार्रवाई
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पचपेड़वा (बलयामपुर)। प्रतिबंधित प्रजाति की मछलियों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रेवती रमन चौधरी ने शनिवार को पचपेड़वा थाना क्षेत्र में नीली क्रांति योजना से बन रहे तालाब का निरीक्षण किया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तालाब का निरीक्षण करने के बाद विशुनपुर टनटनवा, सुगांव, नरायनपुर, जुडवरिया व शंकरपुर कला आदि गांवों में मछली मंडियों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिबंधित प्रजाति की थाई मांगुर मछली की बिक्री करते हुए पाया गया। सभी प्रतिबंधित मछलियों को नष्ट कराकर कारोबारियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में प्रतिबंधित प्रजाति की मछली की बिक्री करते हुए पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थाई मांगुर के साथ-साथ बिग हेड प्रजाति की मछलियों का भी पालन व विपणन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। थाई मांगुर कैट फिश प्रजाति की मछली है जिसमें भारी मात्रा में लेड पाया जाता है जिससे ब्रेन कैंसर होता है। थाई मांगुर व बिग हेड प्रजाति की मछलियां खतरनाक होती हैं जो पर्यावरण प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस दौरान मत्स्य निरीक्षक लाल बहादुर आदि मौजूद रहे।
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने तालाब का निरीक्षण करने के बाद विशुनपुर टनटनवा, सुगांव, नरायनपुर, जुडवरिया व शंकरपुर कला आदि गांवों में मछली मंडियों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिबंधित प्रजाति की थाई मांगुर मछली की बिक्री करते हुए पाया गया। सभी प्रतिबंधित मछलियों को नष्ट कराकर कारोबारियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में प्रतिबंधित प्रजाति की मछली की बिक्री करते हुए पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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थाई मांगुर के साथ-साथ बिग हेड प्रजाति की मछलियों का भी पालन व विपणन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। थाई मांगुर कैट फिश प्रजाति की मछली है जिसमें भारी मात्रा में लेड पाया जाता है जिससे ब्रेन कैंसर होता है। थाई मांगुर व बिग हेड प्रजाति की मछलियां खतरनाक होती हैं जो पर्यावरण प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस दौरान मत्स्य निरीक्षक लाल बहादुर आदि मौजूद रहे।
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