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मानकविहीन स्कूली वाहनों के संचालन पर होगी कार्रवाई
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बलरामपुर। मानकविहीन स्कूली वाहनों के संचालन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति कोई कोताही न बरतें। एआरटीओ अरविंद यादव ने शनिवार को सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जिला मुख्यालय के कई स्कूलों का भ्रमण कर संचालकों को चेतावनी दी। उधर यातायात पुलिस की तरफ से 400 वाहनों में रेफ्लेक्टर लगाए गए। ट्रैफिक नियमों से जुड़े पांच हजार पंपलेट बांटे गए।
एआरटीओ ने स्कूलों के भ्रमण के दौरान प्रबंधन से कहा कि छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल व स्कूल से घर लाने ले जाने के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। सभी बसों की व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप चाक-चौबंद होनी चाहिए। स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरों, सीट बेल्ट, बीमा, फिटनेस, स्पीड लिमिट व जीपीएस यंत्र आदि लगे होना अनिवार्य है।
इन सभी संसाधनों के होने पर स्कूलों का संचालन कराया जाएगा। एआरटीओ ने टीम के साथ कई स्कूलों के वाहनों की चेकिंग भी की और कोविड-19 से बचाव के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए स्कूल संचालकों को जिम्मेदारी सौंपी। यात्री कर अधिकारी प्रेम चंद्र ने इस दौरान सभी स्कूल संचालकों को आगाह करते हुए कहा कि स्कूली वाहनों में इमरजेंसी के समय क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं, इस बारे में पूरी जानकारी दें।
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वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स है या नहीं इसका ख्याल रखा जाए। इमरजेंसी गेट ठीक से काम कर रहा है कि नहीं इसकी भी तैयारी पूरी रखी जाए। यातायात प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि एसपी के निर्देश पर 400 वाहनों में रेफ्लेक्टर स्टीकर चिपकाया गया है जो रात के समय दुर्घटनाओं से बचाएगा। ट्रैफिक नियम से संबंधित पांच हजार पंपलेट बांटे गए हैं। 100 वाहनों का चालान भी किया गया है।
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एआरटीओ ने स्कूलों के भ्रमण के दौरान प्रबंधन से कहा कि छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल व स्कूल से घर लाने ले जाने के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। सभी बसों की व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप चाक-चौबंद होनी चाहिए। स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरों, सीट बेल्ट, बीमा, फिटनेस, स्पीड लिमिट व जीपीएस यंत्र आदि लगे होना अनिवार्य है।
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इन सभी संसाधनों के होने पर स्कूलों का संचालन कराया जाएगा। एआरटीओ ने टीम के साथ कई स्कूलों के वाहनों की चेकिंग भी की और कोविड-19 से बचाव के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए स्कूल संचालकों को जिम्मेदारी सौंपी। यात्री कर अधिकारी प्रेम चंद्र ने इस दौरान सभी स्कूल संचालकों को आगाह करते हुए कहा कि स्कूली वाहनों में इमरजेंसी के समय क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं, इस बारे में पूरी जानकारी दें।
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वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स है या नहीं इसका ख्याल रखा जाए। इमरजेंसी गेट ठीक से काम कर रहा है कि नहीं इसकी भी तैयारी पूरी रखी जाए। यातायात प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि एसपी के निर्देश पर 400 वाहनों में रेफ्लेक्टर स्टीकर चिपकाया गया है जो रात के समय दुर्घटनाओं से बचाएगा। ट्रैफिक नियम से संबंधित पांच हजार पंपलेट बांटे गए हैं। 100 वाहनों का चालान भी किया गया है।