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Balrampur News: थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर युवक को बेच दिया

Sat, 07 Feb 2026 10:40 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 10:40 PM IST
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A young man was sold under the pretext of a job in Thailand
तुलसीपुर। विदेश में नौकरी और अच्छे वेतन की चाह ने शोएब अहमद को थाइलैंड में बुरा फंसा दिया। उसे न सिर्फ प्रताड़ना झेलनी पड़ी, बल्कि कथित तौर पर साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। भारतीय दूतावास की मदद से फरवरी में किसी तरह से रिहाई हुई और वह घर लौट सका। पीड़ित ने मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी जैसे गंभीर आरोप लगाकर स्थानीय जावेद के साथ ही मुंबई के नवी निवासी राम प्रवेश सिंह और फैजान के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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तुलसीपुर के नई बाजार निवासी शोएब अहमद (28) वर्ष 2023 में रोजगार की तलाश में मुंबई पहुंचा। इन ऑर्बिट मॉल स्थित एक आइसक्रीम पार्लर में काम करते हुए बेहतर कमाई के लिए विदेश जाने का अवसर खोज रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान तुलसीपुर के ही जावेद से हुई, जिसने उसे मुंबई के फैजान से मिलवाया।
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फैजान ने अपने सोशल मीडिया माध्यम के जरिए थाईलैंड में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी का प्रस्ताव रखा। 60-70 हजार रुपये मासिक वेतन का भरोसा दिया। इसके बाद शोएब से करीब 60 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज लिए गए। कुछ दिनों बाद उसे मुंबई के नवी निवासी राम प्रवेश सिंह के माध्यम से विदेश भेजा गया।
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शोएब के मुताबिक विदेश पहुंचने पर शुरुआत में सब सामान्य लगा। उसे एक होटल में ठहराया गया, लेकिन जल्द ही हालात बदल गए। आरोप है कि वहां से उसे अवैध तरीके से नदी के रास्ते लाओस ले जाया गया, जहां उसे एक स्कैम कंपाउंड में लगभग ढाई लाख रुपये में बेच दिया गया। भाषा और स्थान से अनजान वह खुद को असहाय महसूस करने लगा।
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लाओस के स्कैम कंपाउंड की कैद में पहुंचा
लाओस पहुंचने के बाद शोएब को एक कथित स्कैम कंपाउंड में रखा गया, जहां उससे ऑनलाइन ठगी से जुड़े काम कराने का दबाव बनाया गया। मना करने पर मारपीट और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। मोबाइल फोन छीन लिया गया। पासपोर्ट और अन्य कागजात भी उसके पास नहीं रहे। कई दिनों तक कमरे में बंद रखा गया। भोजन तक सीमित कर दिया गया। कठिन परिस्थितियों के बीच किसी तरह शोएब ने भारतीय दूतावास से संपर्क साधा। दूतावास की पहल पर उसकी लोकेशन ट्रेस हुई और समन्वय के बाद रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू हुई। कुछ समय बाद उसे वहां से निकाला गया और चार फरवरी 2026 को सुरक्षित भारत वापसी संभव हो सकी।

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पुलिस ने शुरू की जांच
छह फरवरी को दर्ज एफआईआर में शोएब ने कई व्यक्तियों की भूमिका का जिक्र किया है। मामला सामने आने के बाद इसे विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी, मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी (मानव तस्करी का डिजिटल रूप) से जुड़ा गंभीर प्रकरण माना जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि लेन-देन और कथित नेटवर्क की जांच की जा रही है। पीड़ित से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रकरण मुंबई के साथ ही विदेश से भी जुड़ा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी गई है।
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