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विलंब से सूचना देने पर लगेगा 25 हजार जुर्माना
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बलरामपुर। आरटीआई एक्ट के तहत अब विलंब से सूचना देने पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जन सूचना के प्रार्थनापत्रों का निस्तारण कराया और सुनवाई के दौरान अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि सूचनाएं समय से, गुणवत्तापूर्ण व स्पष्ट ढंग से सूचनाकर्ता को हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।
दो दिवसीय सुनवाई के पहले दिन राज्य सूचना आयुक्त ने 102 जन सूचना के प्रार्थनापत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया। सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने वादकारियों व विभागीय अधिकारियों की बातें सुनीं। अफसरों को समय से सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही ये चेतावनी दी कि यदि गुणवत्तापूर्ण व स्पष्ट सूचना नहीं दी जाएगी तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रार्थनापत्रों पर विभागीय व जनसूचना अधिकारी अपना हस्ताक्षर करेंगे। सूचना से संतुष्ट न होने पर आयोग में अपील की जा सकती है।
मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि यदि कोई अफसर जानबूझकर सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना नहीं देता है अथवा विलंब करता है तो उस पर आयोग की तरफ से 25 हजार रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा। जन सुनवाई के दूसरे दिन 25 सितंबर को श्रावस्ती से संबंधित लंबित 100 प्रकरणों को सुना जाएगा।
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दो दिवसीय सुनवाई के पहले दिन राज्य सूचना आयुक्त ने 102 जन सूचना के प्रार्थनापत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया। सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने वादकारियों व विभागीय अधिकारियों की बातें सुनीं। अफसरों को समय से सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही ये चेतावनी दी कि यदि गुणवत्तापूर्ण व स्पष्ट सूचना नहीं दी जाएगी तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रार्थनापत्रों पर विभागीय व जनसूचना अधिकारी अपना हस्ताक्षर करेंगे। सूचना से संतुष्ट न होने पर आयोग में अपील की जा सकती है।
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मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि यदि कोई अफसर जानबूझकर सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना नहीं देता है अथवा विलंब करता है तो उस पर आयोग की तरफ से 25 हजार रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा। जन सुनवाई के दूसरे दिन 25 सितंबर को श्रावस्ती से संबंधित लंबित 100 प्रकरणों को सुना जाएगा।
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