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Balrampur News: मां पाटेश्वरी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
Sat, 05 Jul 2025 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 05 Jul 2025 11:38 PM IST
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बलरामपुर के तुलसीपुर में भैरवबाबा की पूजा अर्चना करते श्रद्धालु ।-संवाद
तुलसीपुर (बलरामपुर)। शक्तिपीठ देवीपाटन में मां पाटेश्वरी के दर्शन के बाद श्रद्धालु भक्ति भाव से भैरवनाथ के चरणों में नतमस्तक हुए। परंपरा और आस्था के अनुरूप, भक्तों ने मंदिर परिसर में स्थित काल भैरव, बटुक भैरव और आकाश भैरव के विग्रहों की विधिवत पूजा-अर्चना की और अपने कष्टों से मुक्ति तथा सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के गर्भगृह के सामने स्थित काल भैरव की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धालुओं ने नारियल, फूल और अगरबत्ती अर्पित की। वहीं, बटुक भैरव और आकाश भैरव के कक्ष में वर्षों से जल रही अखंड धूनी की परिक्रमा करके भक्तों ने भभूत माथे पर लगाई। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भभूत चमत्कारी है और इससे शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से राहत मिलती है।गोंडा निवासी श्रद्धालु राकेश कुमार ने अपनी पत्नी अंजलि के साथ धूनी की परिक्रमा की और भभूत अपने साथ ले जाते हुए कहा कि जब भी हम देवीपाटन आते हैं। यह भभूत अपने घर के सदस्यों और पड़ोसियों को भी देते हैं।
यह आस्था से जुड़ा हमारा वर्षों पुराना विश्वास है। बहराइच से आए अशोक, प्रवीण और अजय कुमार ने बताया कि मां पाटेश्वरी के दर्शन के बाद जब हम भैरवनाथ के समक्ष बैठते हैं तो हमें असीम शांति और आंतरिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी ने बताया कि हर पर्व और विशेष तिथि पर देवी दर्शन के बाद भैरवनाथ के दर्शन का महत्व और भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि श्रद्धालु मां पाटेश्वरी के दरबार में मत्था टेकने के बाद भैरव पूजन को आवश्यक मानते हैं।
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मंदिर के गर्भगृह के सामने स्थित काल भैरव की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धालुओं ने नारियल, फूल और अगरबत्ती अर्पित की। वहीं, बटुक भैरव और आकाश भैरव के कक्ष में वर्षों से जल रही अखंड धूनी की परिक्रमा करके भक्तों ने भभूत माथे पर लगाई। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भभूत चमत्कारी है और इससे शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से राहत मिलती है।गोंडा निवासी श्रद्धालु राकेश कुमार ने अपनी पत्नी अंजलि के साथ धूनी की परिक्रमा की और भभूत अपने साथ ले जाते हुए कहा कि जब भी हम देवीपाटन आते हैं। यह भभूत अपने घर के सदस्यों और पड़ोसियों को भी देते हैं।
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यह आस्था से जुड़ा हमारा वर्षों पुराना विश्वास है। बहराइच से आए अशोक, प्रवीण और अजय कुमार ने बताया कि मां पाटेश्वरी के दर्शन के बाद जब हम भैरवनाथ के समक्ष बैठते हैं तो हमें असीम शांति और आंतरिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी ने बताया कि हर पर्व और विशेष तिथि पर देवी दर्शन के बाद भैरवनाथ के दर्शन का महत्व और भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि श्रद्धालु मां पाटेश्वरी के दरबार में मत्था टेकने के बाद भैरव पूजन को आवश्यक मानते हैं।
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