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Balrampur News: खरझार नाले पर होगा पुल का निर्माण
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बलरामपुर के खरझार नाले के पास जांंच करने पहुंची टीम व मौजूद ग्रामीण ।-संवाद
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हरैया सतघरवा। खैरहनिया गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले पर पुल निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। अमर उजाला माई सिटी में एक नवंबर को खरझार नाले पर पुल बनाने की मांग शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खबर का संज्ञान लिया। सीएम ने प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन संजय प्रसाद को पुल निर्माण के संबंध में कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव के निर्देश पर परियोजना प्रबंधक सेतु निगम रोहित अग्रवाल ने मंगलवार को तकनीकी टीम से जांच कराई। सेतु निगम के इंजीनियर आलोक शुक्ल ने खैरहनिया गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले पर पुल निर्माण को लेकर तकनीकी जांच की। ग्रामीण सोनू मिश्र, अजय कुमार सिंह, राम चंदर मौर्य, दयाराम गुप्त, केबी गुप्त, सहजराम मौर्य, डॉ. प्रीतम गुप्त, धमेंद्र चौधरी, ओमकार यादव, तारबाबू शाह व फखरुद्दीन आदि ने पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने पर सीएम को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक खरझार पहाड़ी नाले पर पुल का निर्माण नहीं हो सका, जिससे 50 गांवों की करीब दो लाख आबादी को हर वर्ष बरसात में नाला पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां पुल निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को बरसात में चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। इंजीनियर आलोक शुक्ल ने बताया कि पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। स्वीकृति मिलने के बाद पुल निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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31 अक्तूबर को किया गया था प्रदर्शन
हरैया सतघरवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत उदईपुर खैरहनिया चौराहे पर स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर में 31 अक्तूबर को भारतीय किसान संघ की तरफ से चौपाल का आयोजन किया गया था। चौपाल के दौरान यहां पुल निर्माण को लेकर प्रदर्शन हुआ था। संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य जगदंबिका प्रसाद मिश्र का कहना था कि नरायनपुर, खैरहनिया, टेढ़ीप्रास, लछुआपुर, चिरौंजीपुर, भुजेहरा, गंजडी, मैनहवा, डेरवा व उदईपुर खैरहनिया सहित 50 से अधिक गांव बरसात के चार महीने टापू बन जाते हैं। नाले में बाढ़ आने पर लोगों को ब्लॉक मुख्यालय शिवपुरा बाजार जाने के लिए हरैया-बरदौलिया होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस और गर्भवती को नदी पार कराने के लिए नाव या ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता है।
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प्रमुख सचिव के निर्देश पर परियोजना प्रबंधक सेतु निगम रोहित अग्रवाल ने मंगलवार को तकनीकी टीम से जांच कराई। सेतु निगम के इंजीनियर आलोक शुक्ल ने खैरहनिया गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले पर पुल निर्माण को लेकर तकनीकी जांच की। ग्रामीण सोनू मिश्र, अजय कुमार सिंह, राम चंदर मौर्य, दयाराम गुप्त, केबी गुप्त, सहजराम मौर्य, डॉ. प्रीतम गुप्त, धमेंद्र चौधरी, ओमकार यादव, तारबाबू शाह व फखरुद्दीन आदि ने पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने पर सीएम को धन्यवाद दिया।
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उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक खरझार पहाड़ी नाले पर पुल का निर्माण नहीं हो सका, जिससे 50 गांवों की करीब दो लाख आबादी को हर वर्ष बरसात में नाला पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां पुल निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को बरसात में चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। इंजीनियर आलोक शुक्ल ने बताया कि पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। स्वीकृति मिलने के बाद पुल निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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31 अक्तूबर को किया गया था प्रदर्शन
हरैया सतघरवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत उदईपुर खैरहनिया चौराहे पर स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर में 31 अक्तूबर को भारतीय किसान संघ की तरफ से चौपाल का आयोजन किया गया था। चौपाल के दौरान यहां पुल निर्माण को लेकर प्रदर्शन हुआ था। संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य जगदंबिका प्रसाद मिश्र का कहना था कि नरायनपुर, खैरहनिया, टेढ़ीप्रास, लछुआपुर, चिरौंजीपुर, भुजेहरा, गंजडी, मैनहवा, डेरवा व उदईपुर खैरहनिया सहित 50 से अधिक गांव बरसात के चार महीने टापू बन जाते हैं। नाले में बाढ़ आने पर लोगों को ब्लॉक मुख्यालय शिवपुरा बाजार जाने के लिए हरैया-बरदौलिया होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस और गर्भवती को नदी पार कराने के लिए नाव या ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता है।