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मनमाफिक रोजगार की तलाश में जुटे 85 हजार प्रवासी कामगार

Sat, 30 May 2020 09:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2020 09:48 PM IST
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85 thousand migrant workers engaged in search of employment
बलरामपुर। बाहर से जिले में आए करीब 85 हजार प्रवासी कामगार मनमाफिक रोजगार की तलाश में हैं। गांव की मिट्टी, पानी व बयार शहरी बाबू को रास नहीं आ रही है। सुपरवाइजर, कांट्रेक्टर जैसे पदों पर काम करने वाले शहरी बाबू मनरेगा में रोजगार करने को तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि यदि उन्हें यहां रोजगार नहीं मिला तो वे लोग लॉकडाउन खत्म होने के बाद फिर परदेस पलायन करने को विवश होंगे। हालांकि प्रदेश सरकार प्रवासी कामगारों को रोजगार, मकान व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का पुरजोर वादा कर रही है। शनिवार को सूरत व मुंबई आदि शहरों से गाव पहुंचे कुछ ऐसे ही कामगारों से बातचीत की गई तो उन लोगों ने अपनी समस्या बयां की।
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सूरत से गांव लौटे राजेश यादव का कहना है कि वह यहां पर मनमाफिक रोजगार की तलाश तो कर रहे हैं लेकिन उन्हें नहीं लगता कि जो पैकेज उन्हें सूरत में मिलता था उसका आधा भी यहां मिल पाएगा। यहां उद्योगों की भारी कमी है, ऐसे में उनकी काबिलियत के हिसाब से काम मिलना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि यदि यहां काम नहीं मिला तो लॉकडाउन खुलने के बाद उनके पास दोबारा सूरत जाने के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं है।
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गांव में मनरेगा मजदूरी के अलावा अन्य कोई रोजगार नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी पढ़े-लिखे व कुशल श्रमिकों को झेलनी पड़ रही है। मुंबई से लौटे जितेंद्र वर्मा बताते हैं कि वहां कंपनी में काम करते थे और पांच अंकों में वेतन मिलता था। जिले में 12 महीने रोजगार मिलना संभव ही नहीं है। सरकारी मदद से स्वरोजगार खड़ा करना इतना आसान नहीं है क्योंकि यहां स्कोप की कमी है। लॉकडाउन खत्म होते ही बाहर जाने की मजबूरी दिखाई दे रही है।
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इसी तरह गांव के बागों में चौपालों में जुट रहे प्रवासी कामगार रोजगार की तलाश में चर्चा कर रहे हैं। शहरी बाबुओं को अभी गांव की मिट्टी, पानी व बयार रास नहीं आ रही है। अब देखना ये है कि कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में ये लोग अपनी जिंदगी की गाड़ी किस तरह से पटरी पर लाएंगे।

डीएम कृष्णा करुणेश का कहना है कि बाहर से आए प्रवासी कामगारों को यहीं पर रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार ने कई तरह की सहूलियत व आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। सेवायोजन कार्यालय व मनरेगा आदि के जरिए सबको रोजगार मुहैया कराया जाएगा।
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