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50 हजार प्रवासियों ने प्रदेश छोड़ा, घर से जोड़ा नाता
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बलरामपुर। प्रदेश छोड़कर जिले में अब तक 50 हजार प्रवासियों का जत्था पहुंच चुका है। प्रवासियों ने प्रदेश छोड़कर घर से नाता जोड़ा है। लॉकडाउन के चलते बेरोजगार होने पर प्रवासी घर वापसी में जुटे हुए हैं। जिले के सील सीमाओं से प्रवासियों को भेजकर होम क्वांरटीन किया जा रहा है। जिले में अब तक 11 कोरोना पॉजिटिव मिले हें। एक कारोना पॉजिटिव की रिपोर्ट निगेटिव मिली है जिसे घर भेज दिया गया है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते केंद्र व राज्य सरकार ने लॉकडाउन किया। बीते 53 दिनों के लॉकडाउन में बाहर के राज्यों में फंसे प्रवासियों के घर वापसी में तेजी आ गई। प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से ढील प्रदान की गई। निजी व सरकारी वाहनों से प्रवासियों का घर वापसी कराया जा रहा है। प्रशासन ने पहले जिले में आने वाले प्रवासियों को होम क्वारंटीन किया गया। बीच में संस्थागत क्वारंटीन सेंटर भी बनाए गए जहां प्रवासियों को एकांतवास में रखा गया।
जिला प्रशासन का तरफ से शनिवार को सभी संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों का संचालन बंद कर दिया गया है। क्वारंटीन सेंटरों की चौहद्दी घेरकर ताला जड़ दिया गया है। गैर राज्यों/जनपदों से आने वाले को अब होम क्वारंटीन ही किया जाएगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले में अब तक सरकारी व निजी साधनों से 50 हजार तक प्रवासी जिले में पहुंच चुके हैं। सभी प्रवासियों को अब होम क्वारंटीन किया जा रहा है। संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों का संचालन बंद कर दिया गया है।
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते केंद्र व राज्य सरकार ने लॉकडाउन किया। बीते 53 दिनों के लॉकडाउन में बाहर के राज्यों में फंसे प्रवासियों के घर वापसी में तेजी आ गई। प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से ढील प्रदान की गई। निजी व सरकारी वाहनों से प्रवासियों का घर वापसी कराया जा रहा है। प्रशासन ने पहले जिले में आने वाले प्रवासियों को होम क्वारंटीन किया गया। बीच में संस्थागत क्वारंटीन सेंटर भी बनाए गए जहां प्रवासियों को एकांतवास में रखा गया।
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जिला प्रशासन का तरफ से शनिवार को सभी संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों का संचालन बंद कर दिया गया है। क्वारंटीन सेंटरों की चौहद्दी घेरकर ताला जड़ दिया गया है। गैर राज्यों/जनपदों से आने वाले को अब होम क्वारंटीन ही किया जाएगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले में अब तक सरकारी व निजी साधनों से 50 हजार तक प्रवासी जिले में पहुंच चुके हैं। सभी प्रवासियों को अब होम क्वारंटीन किया जा रहा है। संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों का संचालन बंद कर दिया गया है।
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