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Balrampur News: फर्जी वीजा बनाकर 4.35 लाख हड़पे, तीन गिरफ्तार
Sat, 30 Nov 2024 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 30 Nov 2024 11:58 PM IST
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बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर मौजूद पकड़े गए अभियुक्त।
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बलरामपुर। कुवैत का फर्जी वीजा बनाकर 4.35 लाख रुपये हड़पने के मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोचा है। दूतावास से वीजा का सत्यापन कराने के दौरान फर्जी पाया गया। उतरौला कोतवाली की पुलिस ने कार्रवाई की है। इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड दुबई में है।
एसपी विकास कुमार ने शनिवार को मामले का खुलासा किया। बताया कि तुलसीपुर थाना क्षेत्र के रेहरा गांव निवासी शकील अहमद ने बीते 13 अक्तूबर को उतरौला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि गैड़ास बुजुर्ग थाना के मझौवा कुर्थवा वर्तमान में डुमरियागंज रोड उतरौला निवासी मो. ताहिर खान व उतरौला कोतवाली के नयानगर विशुनपुर निवासी ताहिर अली ने वीजा के नाम पर ठगी की।
विवेचना के दौरान पाया गया कि दोनों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शकील सहित अन्य अन्य कई लोगों के साथ भी कुवैत का वीजा बनवाने के नाम पर 4.35 लाख रुपये हड़प लिए। कूटरचित वीजा तैयार करके पीड़ितों से मेडिकल के नाम पर 50 हजार रुपये व मेडिकल फेल हो जाने के नाम पर एक लाख रुपये ठग लिया।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस ने वीजा का दूतावास से सत्यापन कराया। इसमें वीजा फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने शनिवार को ताहिर अली के अतिरिक्त प्रकाश में आए मोहम्मद आरिफ व मोहम्मद अहमद निवासी मझौवा कुर्थुवा थाना गैंडास बुजुर्ग हाल पता ग्राम लालगंज उतरौला को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद ताहिर है मास्टरमाइंड
पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद ताहिर है। वह मझौवा कुर्थुवा थाना गैंडास बुजुर्ग हाल पता ग्राम लालगंज उतरौला का है। वर्तमान समय में वह दुबई में है। उसके बैंक खातों की जानकारी कर बैंक खाता सीज करने व वीजा निरस्त कराने के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। उसके प्रत्यर्पण को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस तरह हुआ खेल
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे सभी लोग मिलकर फर्जी वीजा बनाने का कार्य करते हैं। शकील अहमद निवासी तुलसीपुर ने कुवैत का वीजा बनवाने के लिए बातचीत की थी। कुल पांच वीजा के लिए 4.35 लाख रुपये लिए थे व डेढ़ लाख मेडिकल कराने के नाम पर दोबारा लिया गया था। यही नहीं, मेडिकल न होने पर 50 हजार रुपये पीड़ित शकील अहमद को वापस कर दिया गया। पकड़े गए लोगों ने बताया कि मोहम्मद ताहिर के कहने पर उन लोगों ने शकील अहमद आदि कुल पांच लोगों का मेडिकल लखनऊ ले जाकर कराया था।
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एसपी विकास कुमार ने शनिवार को मामले का खुलासा किया। बताया कि तुलसीपुर थाना क्षेत्र के रेहरा गांव निवासी शकील अहमद ने बीते 13 अक्तूबर को उतरौला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि गैड़ास बुजुर्ग थाना के मझौवा कुर्थवा वर्तमान में डुमरियागंज रोड उतरौला निवासी मो. ताहिर खान व उतरौला कोतवाली के नयानगर विशुनपुर निवासी ताहिर अली ने वीजा के नाम पर ठगी की।
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विवेचना के दौरान पाया गया कि दोनों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शकील सहित अन्य अन्य कई लोगों के साथ भी कुवैत का वीजा बनवाने के नाम पर 4.35 लाख रुपये हड़प लिए। कूटरचित वीजा तैयार करके पीड़ितों से मेडिकल के नाम पर 50 हजार रुपये व मेडिकल फेल हो जाने के नाम पर एक लाख रुपये ठग लिया।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस ने वीजा का दूतावास से सत्यापन कराया। इसमें वीजा फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने शनिवार को ताहिर अली के अतिरिक्त प्रकाश में आए मोहम्मद आरिफ व मोहम्मद अहमद निवासी मझौवा कुर्थुवा थाना गैंडास बुजुर्ग हाल पता ग्राम लालगंज उतरौला को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद ताहिर है मास्टरमाइंड
पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद ताहिर है। वह मझौवा कुर्थुवा थाना गैंडास बुजुर्ग हाल पता ग्राम लालगंज उतरौला का है। वर्तमान समय में वह दुबई में है। उसके बैंक खातों की जानकारी कर बैंक खाता सीज करने व वीजा निरस्त कराने के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। उसके प्रत्यर्पण को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस तरह हुआ खेल
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे सभी लोग मिलकर फर्जी वीजा बनाने का कार्य करते हैं। शकील अहमद निवासी तुलसीपुर ने कुवैत का वीजा बनवाने के लिए बातचीत की थी। कुल पांच वीजा के लिए 4.35 लाख रुपये लिए थे व डेढ़ लाख मेडिकल कराने के नाम पर दोबारा लिया गया था। यही नहीं, मेडिकल न होने पर 50 हजार रुपये पीड़ित शकील अहमद को वापस कर दिया गया। पकड़े गए लोगों ने बताया कि मोहम्मद ताहिर के कहने पर उन लोगों ने शकील अहमद आदि कुल पांच लोगों का मेडिकल लखनऊ ले जाकर कराया था।