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शिक्षा व संस्कार से होता है व्यक्तित्व का विकास
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‘जिसमें भाषा की पकड़ हो उसे सफलता जरूर मिलेगी’
बलरामपुर। व्यक्तित्व के विकास में शिक्षा व संस्कार का होना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ-साथ संस्कार भी सिखाता है। अच्छा शिक्षक वही है जो बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए सही मार्ग दर्शन भी करे।
यह बातें शनिवार को नगर के सेंट जेवियर्स स्कूल में आयोजित वार्षिकोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा ने कही। उन्होंने कहा कि जहां स्कूल का मतलब साक्षर होने से होता है।
साक्षर व शिक्षित के बीच जो अंतर है वहीं अंतर स्कूल और विद्यालय के बीच भी होता है। उन्होंने हिंदी व अंग्रेजी भाषा में विद्यालय के बच्चों की अच्छी पकड़ को सराहते हुए कहा कि जिसमें भाषा के प्रति लगाव होता है उनकी सफलता निश्चित है।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिनेता आशुतोष राणा ने कहा कि प्रतिभा का संबंध में किसी शहर या क्षेत्र से नहीं बल्कि व्यक्ति के सोच से होती है।
प्रतिभा किसी संसाधन या मंच की मोहताज नहीं होती। सकारात्मक ऊर्जा, सही प्रेरणा एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ही प्रतिभाएं निखरती है। ग्रामीण क्षेत्र का बच्चा अपनी प्रतिभा के बल पर पूरे विश्व को दिशा दिखा सकता है।
बलरामपुर। व्यक्तित्व के विकास में शिक्षा व संस्कार का होना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ-साथ संस्कार भी सिखाता है। अच्छा शिक्षक वही है जो बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए सही मार्ग दर्शन भी करे।
यह बातें शनिवार को नगर के सेंट जेवियर्स स्कूल में आयोजित वार्षिकोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा ने कही। उन्होंने कहा कि जहां स्कूल का मतलब साक्षर होने से होता है।
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साक्षर व शिक्षित के बीच जो अंतर है वहीं अंतर स्कूल और विद्यालय के बीच भी होता है। उन्होंने हिंदी व अंग्रेजी भाषा में विद्यालय के बच्चों की अच्छी पकड़ को सराहते हुए कहा कि जिसमें भाषा के प्रति लगाव होता है उनकी सफलता निश्चित है।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिनेता आशुतोष राणा ने कहा कि प्रतिभा का संबंध में किसी शहर या क्षेत्र से नहीं बल्कि व्यक्ति के सोच से होती है।
प्रतिभा किसी संसाधन या मंच की मोहताज नहीं होती। सकारात्मक ऊर्जा, सही प्रेरणा एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ही प्रतिभाएं निखरती है। ग्रामीण क्षेत्र का बच्चा अपनी प्रतिभा के बल पर पूरे विश्व को दिशा दिखा सकता है।