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41 हजार श्रमिकों को मिला घर बैठे रोजगार
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बलरामपुर। लॉकडाउन के दौरान मनरेगा योजना से गांवों में 41,239 श्रमिकों को घर बैठे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। श्रमिकों की बेरोजगारी दूर होने के साथ ही गांवों का विकास भी हो रहा है। नाली, खड़ंजा, चकरोड, संपर्क मार्ग व तालाबों के जीर्णोद्घार का कार्य तेजी से हो रहा है। मनरेगा कार्य के चलते जिले के गरीब व जरूरतमंद श्रमिकों को परदेस में कमाई करने के लिए जाने की जरूरत नहीं रह गई है। 800 की तुलना में जिले की 636 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य कराया जा रहा है। जिले की ग्राम पंचायतों में 29.19 प्रतिशत की दर से मानव दिवस का सृजन कराया जा रहा है।
डीसी मनरेगा महेंद्र देव पांडेय ने बताया कि सोमवार को जिले के 800 की तुलना में 636 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना का कार्य कराया गया। क्रियाशील ग्राम पंचायतों में 1192 स्थलों पर 41,239 मनरेगा श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। ब्लॉक सदर में 116 की तुलना में 70 ग्राम पंचायतों में 4251, गेड़ास बुजुर्ग में 42 की तुलना में 32 ग्राम पंचायतों में 1733, गैसड़ी में 115 की तुलना में 87 ग्राम पंचायतों में 4980, हरैया सतघरवा के 110 में से 82 ग्राम पंचायतों में 7783, पचपेड़वा में 101 में से 95 में 9250, रेहरा बाजार में 81 में से 63 में 2720, श्रीदत्तगंज में 70 में से 65 ग्राम पंचायतों में 2860 श्रमिकों को रोजगार मिला है।
तुलसीपुर में 100 की तुलना में 84 ग्राम पंचायतों में 4859 और उतरौला के 65 की तुलना में 58 ग्राम पंचायतों में सोमवार को लॉकडाउन के दौरान 2803 श्रमिकों को घर बैठे रोजगार मिला। तुलसीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवीपाटन को नगर में शामिल कर लिया गया है जिसके चलते वहां मनरेगा कार्य नहीं कराया जा सका है। जिले के सभी नौ ब्लॉकों की 800 ग्राम पंचायतों में अब तक 7,49,872 मानव दिवस का सृजन कराने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन लॉकडाउन में काम बंद होने से 29.19 प्रतिशत के साथ मात्र 2,18,920 मानव दिवस का सृजन पूरा कराया जा सका है।
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जिले की 800 ग्राम पंचायतों के 1192 स्थलों पर सोमवार को मनरेगा से काम कराया गया है। श्रीदत्तगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत जिगना के तेंदुई जंगल के पास व चंदापुर में धौशिवाहवा के पास 75-75 मनरेगा श्रमिकों ने तालाब जीर्णोद्घार और पिपरा रामचंदर में 46 मनरेगा श्रमिकों ने नाला सफाई/खोदाई का कार्य किया। इसी तरह से जिले की 636 ग्राम पंचायतों में 1192 स्थलों पर 41,239 मनरेगा श्रमिकों ने काम किया है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के साथ यहां काम करने वाले श्रमिकों को भी अधिक से अधिक रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सीडीओ अमनदीप डुली की तरफ से प्रतिदिन डीसी मनरेगा के साथ जिले के सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय बनाकर मनरेगा योजना का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।
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डीसी मनरेगा महेंद्र देव पांडेय ने बताया कि सोमवार को जिले के 800 की तुलना में 636 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना का कार्य कराया गया। क्रियाशील ग्राम पंचायतों में 1192 स्थलों पर 41,239 मनरेगा श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। ब्लॉक सदर में 116 की तुलना में 70 ग्राम पंचायतों में 4251, गेड़ास बुजुर्ग में 42 की तुलना में 32 ग्राम पंचायतों में 1733, गैसड़ी में 115 की तुलना में 87 ग्राम पंचायतों में 4980, हरैया सतघरवा के 110 में से 82 ग्राम पंचायतों में 7783, पचपेड़वा में 101 में से 95 में 9250, रेहरा बाजार में 81 में से 63 में 2720, श्रीदत्तगंज में 70 में से 65 ग्राम पंचायतों में 2860 श्रमिकों को रोजगार मिला है।
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तुलसीपुर में 100 की तुलना में 84 ग्राम पंचायतों में 4859 और उतरौला के 65 की तुलना में 58 ग्राम पंचायतों में सोमवार को लॉकडाउन के दौरान 2803 श्रमिकों को घर बैठे रोजगार मिला। तुलसीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवीपाटन को नगर में शामिल कर लिया गया है जिसके चलते वहां मनरेगा कार्य नहीं कराया जा सका है। जिले के सभी नौ ब्लॉकों की 800 ग्राम पंचायतों में अब तक 7,49,872 मानव दिवस का सृजन कराने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन लॉकडाउन में काम बंद होने से 29.19 प्रतिशत के साथ मात्र 2,18,920 मानव दिवस का सृजन पूरा कराया जा सका है।
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जिले की 800 ग्राम पंचायतों के 1192 स्थलों पर सोमवार को मनरेगा से काम कराया गया है। श्रीदत्तगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत जिगना के तेंदुई जंगल के पास व चंदापुर में धौशिवाहवा के पास 75-75 मनरेगा श्रमिकों ने तालाब जीर्णोद्घार और पिपरा रामचंदर में 46 मनरेगा श्रमिकों ने नाला सफाई/खोदाई का कार्य किया। इसी तरह से जिले की 636 ग्राम पंचायतों में 1192 स्थलों पर 41,239 मनरेगा श्रमिकों ने काम किया है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के साथ यहां काम करने वाले श्रमिकों को भी अधिक से अधिक रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सीडीओ अमनदीप डुली की तरफ से प्रतिदिन डीसी मनरेगा के साथ जिले के सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय बनाकर मनरेगा योजना का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।