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मनरेगा के 25 करोड़ रुपये से गांवों में होगा विकास
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बलरामपुर। मनरेगा योजना के 25 करोड़ रुपये से जिले के गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। चार लाख 36 हजार 263 मानव दिवस में मनरेगा योजना की धनराशि खर्च की जाएगी। जिले की सभी 801 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने का खाका तैयार किया गया है। जिले की ग्राम पंचायतों को 15 जनवरी तक लेबर बजट खर्च करने की चुनौती है। मनरेेगा से कराए गए विकास कार्यों में जिले को प्रदेश की रैंकिंग में 14वां स्थान प्राप्त हुआ है।
78.48 करोड़ रुपये मिला था बजट
मनरेगा सेल के वरिष्ठ सहायक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले की 901 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए शासन ने 78 करोड़ 48 लाख रुपये का बजट अलॉट किया था। एक अप्रैल 2018 से तीन जनवरी 2019 तक जिले के सभी नौ ब्लॉकों के 801 ग्राम पंचायतों में 53 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिले में मनरेगा कार्य बेहतर ढंग से किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष की प्रदेश रैंकिंग में जिले को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। 15 जनवरी तक शासन ने मनरेगा लेबर बजट की बाकी 25 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करने का निर्देश दिया है।
4.36 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2018-19 में शासन ने जिले की सभी 801 ग्राम पंचायतों में 26 लाख 91 हजार 73 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया था। तीन जनवरी 2019 तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 22 लाख 54 हजार 810 मानव दिवस का सृजन पूरा कर लिया है। ग्राम पंचायतों को 15 जनवरी तक बाकी बचे चार लाख 36 हजार 263 मानव दिवस सृजित करने की चुनौती है।
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82 श्रमिकों को ही मिला सौ दिन का रोजगार
जिले के सभी नौ ब्लॉकों के 801 ग्राम पंचायतों में एक लाख 26 हजार 199 मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। 80 हजार 445 पुरुष और 45 हजार 754 महिला मनरेगा श्रमिक हैं। तीन जनवरी को सभी 801 ग्राम पंचायतों में 18 हजार 152 श्रमिकों को मनरेगा मेंकार्य दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अभी तक जिले के मात्र 82 मनरेगा श्रमिकों को ही 100 दिन का रोजगार मुहैया कराया जा सका है।
इनमें खर्च किया गया लेबर बजट
सभी नौ ब्लॉकों की 801 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान मनरेगा लेबर बजट से तालाब का सौंदर्यीकरण, तालाब निर्माण, नाली, खड़ंजा, पुलिया, बंधा व संपर्क मार्ग जैसे निर्माण कार्य कराए गए हैं। जिले के सभी गांवों में मनरेगा लेबर बजट से छायादार व फलदार पौधरोपण भी कराया गया है।
वर्जन
डीएम कृष्णा करुणेश व सीडीओ कृत्तिका ज्योत्स्ना के प्रयास से जिले में मनरेगा कार्यों में तेजी आई है। मनरेगा लेबर बजट खर्च करने तथा मानव दिवस सृजित करने में प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है।
महेन्द्र देव पांडेय, डीसी मनरेगा
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78.48 करोड़ रुपये मिला था बजट
मनरेगा सेल के वरिष्ठ सहायक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले की 901 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए शासन ने 78 करोड़ 48 लाख रुपये का बजट अलॉट किया था। एक अप्रैल 2018 से तीन जनवरी 2019 तक जिले के सभी नौ ब्लॉकों के 801 ग्राम पंचायतों में 53 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिले में मनरेगा कार्य बेहतर ढंग से किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष की प्रदेश रैंकिंग में जिले को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। 15 जनवरी तक शासन ने मनरेगा लेबर बजट की बाकी 25 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करने का निर्देश दिया है।
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4.36 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2018-19 में शासन ने जिले की सभी 801 ग्राम पंचायतों में 26 लाख 91 हजार 73 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया था। तीन जनवरी 2019 तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 22 लाख 54 हजार 810 मानव दिवस का सृजन पूरा कर लिया है। ग्राम पंचायतों को 15 जनवरी तक बाकी बचे चार लाख 36 हजार 263 मानव दिवस सृजित करने की चुनौती है।
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82 श्रमिकों को ही मिला सौ दिन का रोजगार
जिले के सभी नौ ब्लॉकों के 801 ग्राम पंचायतों में एक लाख 26 हजार 199 मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। 80 हजार 445 पुरुष और 45 हजार 754 महिला मनरेगा श्रमिक हैं। तीन जनवरी को सभी 801 ग्राम पंचायतों में 18 हजार 152 श्रमिकों को मनरेगा मेंकार्य दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अभी तक जिले के मात्र 82 मनरेगा श्रमिकों को ही 100 दिन का रोजगार मुहैया कराया जा सका है।
इनमें खर्च किया गया लेबर बजट
सभी नौ ब्लॉकों की 801 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान मनरेगा लेबर बजट से तालाब का सौंदर्यीकरण, तालाब निर्माण, नाली, खड़ंजा, पुलिया, बंधा व संपर्क मार्ग जैसे निर्माण कार्य कराए गए हैं। जिले के सभी गांवों में मनरेगा लेबर बजट से छायादार व फलदार पौधरोपण भी कराया गया है।
वर्जन
डीएम कृष्णा करुणेश व सीडीओ कृत्तिका ज्योत्स्ना के प्रयास से जिले में मनरेगा कार्यों में तेजी आई है। मनरेगा लेबर बजट खर्च करने तथा मानव दिवस सृजित करने में प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है।
महेन्द्र देव पांडेय, डीसी मनरेगा