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Ballia News: मां स्कंदमाता को पीले वस्त्र अर्पित कर लगाया केले का भोग
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बलिया। नवरात्र के पंचम दिवस बृहस्पतिवार को भक्तों ने मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की उपासना की। पीले वस्त्र और केले का भोग लगाकर भक्तों ने पूजन किया।
आचार्य डाॅ. अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि संतान प्राप्ति की कामना करने वालों के लिए इनकी साधना अत्यंत फलदायी मानी गई है जिन्हें नवरात्रि के पांचवें दिन पीले वस्त्र और केले का भोग लगाकर प्रसन्न किया जाता है। मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। सूर्यमंडल की अधिष्ठाता देवी होने के कारण इनके शरीर से अलौकिक तेज प्रकट होता है जिनकी सच्चे मन से आराधना करने पर साधक को ऊर्जा, तेज, सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा भक्तों के सभी कष्ट व बाधाएं दूर हो जाती हैं।
पूर में विभिन्न दुर्गा मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा आरोग्य की कामना की। क्षेत्र के एकइल स्थित दुर्गा मंदिर, पूर खिला की भवानी मंदिर और पकड़ी स्थित भवानी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।
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मंदिरों में सुबह से ही घंटा-घड़ियाल की गूंज और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां को पुष्प, नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के साथ ही गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के पंडालों में भी पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के चलते गांवों और बाजारों में धार्मिक उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर रहे हैं। नवरात्र के आगामी दिनों में भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
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आचार्य डाॅ. अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि संतान प्राप्ति की कामना करने वालों के लिए इनकी साधना अत्यंत फलदायी मानी गई है जिन्हें नवरात्रि के पांचवें दिन पीले वस्त्र और केले का भोग लगाकर प्रसन्न किया जाता है। मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। सूर्यमंडल की अधिष्ठाता देवी होने के कारण इनके शरीर से अलौकिक तेज प्रकट होता है जिनकी सच्चे मन से आराधना करने पर साधक को ऊर्जा, तेज, सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा भक्तों के सभी कष्ट व बाधाएं दूर हो जाती हैं।
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पूर में विभिन्न दुर्गा मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा आरोग्य की कामना की। क्षेत्र के एकइल स्थित दुर्गा मंदिर, पूर खिला की भवानी मंदिर और पकड़ी स्थित भवानी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।
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मंदिरों में सुबह से ही घंटा-घड़ियाल की गूंज और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां को पुष्प, नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के साथ ही गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के पंडालों में भी पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के चलते गांवों और बाजारों में धार्मिक उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर रहे हैं। नवरात्र के आगामी दिनों में भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।