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घरों में ही की गुरु और हरि की पूजा
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मुबारकपुर स्थित सन्त श्रीपशुपतिनाथ बाबा की गुफा पर गुरुपूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूजन करते हुए आ?
- फोटो : BALLIA
बलिया। कोरोना संक्रमण के चलते लाकडाउन के बीच गुरु पूर्णिमा साधु संतों के आश्रमों और मठों में इस बार सामूहिक कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया। संतों ने पहले अपने भक्तों को घरों में गुरु और हरि का सुमिरन करने का संदेश दिया था। ऐसे में लोगों ने घरों में ही गुरु के फोटो को सामने रखकर पूजा की और हरि स्मरण किया।
दुबहर क्षेत्र के नगवा गांव स्थित स्वामी त्रिदंडी देव धाम में गुरु पूर्णिमा सादगी के साथ मनाई गई। त्रिदंडी स्वामी के शिष्यों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजन अर्चन किया। वहीं स्वामी के कृतित्व व व्यक्तित्व पर चर्चा की। इस दौरान शिवजी पाठक ने कहा कि त्रिदंडी स्वामी वैष्णो संप्रदाय के मानव संत थे। इस मौके पर जवाहर पाठक, ब्रह्मानंद पांडेय, श्रीधर चौबे, धर्मदेव पाठक, राधा कृष्ण पाठक, भगवती शरण पाठक, रामबली यादव आदि रहे। दयाछपरा: गुरु पूर्णिमा पर दयाछपरा मठिया में भी कार्यक्रम नहीं हुआ। मठिया के महंत बालक बाबा ने बताया कि कोरोना के कारण मठिया में किसी प्रकार का आयोजन नहीं किया गया। गुरु के प्रति भक्तों की आस्था ही गुरू पूजा है। गुरु की पूजा न करके गुरू के अंदर जो विदेह आत्मा बसती है उस आत्मा की पूजा ही वास्तव में गुरु पूजा है। विदेह आत्मा की पूजा के लिए देह की आवश्यकता नहीं पड़ती। भक्त जहां भी हो सुखी संपन्न रहते हुए अगर अपने गुरु के प्रति आस्था रखता है तो वही गुरु पूजा है।
फेफना: गुरु पूर्णिमा पर मुबारकपुर स्थित संत पशुपतिनाथ बाबा की गुफा पर गुरु पूजन हुआ। आचार्य अरुणेंद्र कुमार मिश्र व सर्वेश्वर मिश्र के आचार्यत्व में बाबा पशुपति नाथ का पूजन तथा रुद्राभिषेक किया गया। दूर दूर से आए बाबा के भक्तों ने भी गुरु पूजन किया तथा यज्ञ स्थल की परिक्रमा की। पूजन के बाद हवन एवं संक्षिप्त भंडारा भी हुआ। इस मौके पर दयाशंकर राय, अजेश राय, विजय शंकर राय, कमला शंकर राय, बच्च, हरिमोहन, रामअवध राय, स्वामीनाथ, अंजनी राय, सतेंद्र राय आदि रहे।
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लालगंज: बहुआरा गांव में स्थित त्रिदंडी स्वामी महाराज के यज्ञशाला पर गांव के लोग इकट्ठा होकर गुरु पूर्णिमा पर्व को सादगी रूप में मनाया। त्रिदंडी देव के चित्र का पूजन किया तत्पश्चात आरती के बाद वहां बैठकर सुंदर कांड का पाठ किया गया। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान राज नारायण सिंह, सुरेंद्र सिंह, कामता सिंह, वीरेंद्र सिंह, शिवजी तिवारी आदि रहे।
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दुबहर क्षेत्र के नगवा गांव स्थित स्वामी त्रिदंडी देव धाम में गुरु पूर्णिमा सादगी के साथ मनाई गई। त्रिदंडी स्वामी के शिष्यों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजन अर्चन किया। वहीं स्वामी के कृतित्व व व्यक्तित्व पर चर्चा की। इस दौरान शिवजी पाठक ने कहा कि त्रिदंडी स्वामी वैष्णो संप्रदाय के मानव संत थे। इस मौके पर जवाहर पाठक, ब्रह्मानंद पांडेय, श्रीधर चौबे, धर्मदेव पाठक, राधा कृष्ण पाठक, भगवती शरण पाठक, रामबली यादव आदि रहे। दयाछपरा: गुरु पूर्णिमा पर दयाछपरा मठिया में भी कार्यक्रम नहीं हुआ। मठिया के महंत बालक बाबा ने बताया कि कोरोना के कारण मठिया में किसी प्रकार का आयोजन नहीं किया गया। गुरु के प्रति भक्तों की आस्था ही गुरू पूजा है। गुरु की पूजा न करके गुरू के अंदर जो विदेह आत्मा बसती है उस आत्मा की पूजा ही वास्तव में गुरु पूजा है। विदेह आत्मा की पूजा के लिए देह की आवश्यकता नहीं पड़ती। भक्त जहां भी हो सुखी संपन्न रहते हुए अगर अपने गुरु के प्रति आस्था रखता है तो वही गुरु पूजा है।
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फेफना: गुरु पूर्णिमा पर मुबारकपुर स्थित संत पशुपतिनाथ बाबा की गुफा पर गुरु पूजन हुआ। आचार्य अरुणेंद्र कुमार मिश्र व सर्वेश्वर मिश्र के आचार्यत्व में बाबा पशुपति नाथ का पूजन तथा रुद्राभिषेक किया गया। दूर दूर से आए बाबा के भक्तों ने भी गुरु पूजन किया तथा यज्ञ स्थल की परिक्रमा की। पूजन के बाद हवन एवं संक्षिप्त भंडारा भी हुआ। इस मौके पर दयाशंकर राय, अजेश राय, विजय शंकर राय, कमला शंकर राय, बच्च, हरिमोहन, रामअवध राय, स्वामीनाथ, अंजनी राय, सतेंद्र राय आदि रहे।
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लालगंज: बहुआरा गांव में स्थित त्रिदंडी स्वामी महाराज के यज्ञशाला पर गांव के लोग इकट्ठा होकर गुरु पूर्णिमा पर्व को सादगी रूप में मनाया। त्रिदंडी देव के चित्र का पूजन किया तत्पश्चात आरती के बाद वहां बैठकर सुंदर कांड का पाठ किया गया। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान राज नारायण सिंह, सुरेंद्र सिंह, कामता सिंह, वीरेंद्र सिंह, शिवजी तिवारी आदि रहे।