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28 सितंबर से सात अक्टूबर तक घर-घर खिलाई जाएगी कृमि की दवा

Fri, 25 Sep 2020 10:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2020 10:27 PM IST
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Worm medicine to be fed from house to house from 28 September to 7 October
बलिया। जनपद में 28 सिंतबर से सात अक्तूबर तक घर-घर जाकर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक से 19 साल के बच्चों को कृमि की दवा खिलाएंगी। साथ ही एक से 31 अक्तूबर तक संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान चलेगा। इसके मद्देनजर शुक्रवार को जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक जिलाधिकारी श्रीहरी प्रताप शाही की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण/दस्तक अभियान कार्यक्रम के सही संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संचारी रोग नियंत्रण के साथ काम करने वाले विभागों को दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि एक से 19 साल के सभी बच्चों को कृमि (पेट के कीड़े) की दवा खिलायी जाए। दोनों अभियानों के संचालन दौरान कोविड प्रोटोकॉल का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व नोडल अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने बताया कि एक वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों की आंत में कृमि संक्रमण का खतरा रहता है। कृमि मनुष्य की आंत में रहते हैं और जीवित रहने के लिए मानव शरीर के जरूरी पोषण तत्व खाते हैं। यह कृमि संक्रमण अस्वच्छता के कारण फैलते हैं। संक्रमित मिट्टी के संपर्क में आने पर कृमि संक्रमण संचारित होता है। कृमि को पेट से निकालने के लिए दवाई अवश्य खानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कृमि पोषण उत्तकों से भोजन लेते हैं, जैसे रक्त जिससे खून की कमी हो जाती है। कृमि के कारण कुपोषण में वृद्धि और शारीरिक विकास पर खास असर पड़ता है।
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वेक्टर बॉर्न के नोडल अधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद चौधरी ने बताया कि एक अक्तूबर से चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण माह और दस्तक अभियान में संचारी रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि के साथ ही कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने पर फोकस रहेगा। इसके साथ ही अभियान में कोरोना काल के दौरान बड़ी संख्या में जो बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए, उन पर अभियान के दौरान खासतौर से जोर रहेगा। इस वर्ष जन्म लेने वाले बच्चों का अक्तूबर में व्यापक अभियान चलाकर आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी ब्यौरा जुटाएगी और नवंबर से जनवरी तक इन सभी बच्चों का टीकाकरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के तहत आशा और एएनएम घर-घर जाकर बुखार और सांस की तकलीफ से पीड़ित लोगों की पहचान करेंगी।
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इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. विपिन जैन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जितेन्द्र पाल, कार्यवाहक जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी ब्लॉक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, कार्यवाहक जिला मलेरिया अधिकारी सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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