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Ballia News: नहीं मिली मजदूरी तो भाग गए कामगार
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बैरिया। सरयू नदी के तीब्र लहरों से कटान के मुहाने पर बसे दर्जनों ग्रामीणों का आशियाना बचाने के लिए शासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग कटानरोधी कार्य करा रहा है,लेकिन मजदूरों का मेहनताना भुगतान नहीं होने से मजदूर अपने घर चले गए हैं। इससे कार्य ठप हो गया है।
मजदूरों ने कहा ठेकेदार केवल काम करवा रहा है,लेकिन हमारा मेहनताना नहीं दे रहा है। कटान रोधी कार्य ठप होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि विगत छह मई को जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह को दिया था। इसमें मानक की अनदेखी व छह मजदूरों से कटान रोधी कार्य कराकर धन की बंदरबांट करने की शिकायत की गई थी लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिणाम स्वरूप सोमवार को कटान रोधी कार्य ठप कर मजदूर भाग गए।
बता दें कि शिवाल में 428 मीटर लंबा पांच करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से व गोपाल नगर में 388 मीटर लंबा तीन करोड़ 28 लाख की लागत से कटानरोधी कार्य सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। कार्य जब अप्रैल में शुरू हुआ तब ग्रामीणों ने कार्य रोक दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि कटान पीड़ितों का आशियाना बचाने के लिए इस तरह की छोटी परियोजना कारगर नहीं है। इस तरह की परियोजनाओं पर पूर्व में कटानरोधी कार्य हुआ है और सरकार का सारा पैसा कटान में समाहित हो गया। नतीजा रहा कि विगत तीन सालों में गोपालनगर व शिवाल के करीब 300 लोगों का आशियाना सरयू नदी में समाहित हो गया है। कटान रोधी कार्य ठप हो जाने से आक्रोशित ओम प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, गणेश यादव, अनुज सिंह, सुनील चौधरी, दिलीप चौधरी, राजेश चौधरी, रौनक सिंह, राजकुमार पासवान, रितेश सिंह, सुदामा चौधरी, अशोक सिंह आदि ने कहा कार्यदायी संस्था व उनके ठेकेदार जानबूझकर कटान रोधी कार्य धीमी गति से करा रहे है, जिससे बरसात आ जाए और सरयू नदी उफान पर आकर निर्माणाधीन कटान रोधी कार्य को नदी की मुख्य धारा में समाहित कर दे। इससे प्राकृतिक आपदा दिखाकर धन की बंदरबांट की जा सकेगी। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रजनीकांत राय ने कहा यह सही बात है कि मजदूर भाग गए हैं, इससे कार्य ठप हो गया है। ठेकेदार मजदूर ढूंढ रहे हैं, जल्द निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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मजदूरों ने कहा ठेकेदार केवल काम करवा रहा है,लेकिन हमारा मेहनताना नहीं दे रहा है। कटान रोधी कार्य ठप होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि विगत छह मई को जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह को दिया था। इसमें मानक की अनदेखी व छह मजदूरों से कटान रोधी कार्य कराकर धन की बंदरबांट करने की शिकायत की गई थी लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिणाम स्वरूप सोमवार को कटान रोधी कार्य ठप कर मजदूर भाग गए।
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बता दें कि शिवाल में 428 मीटर लंबा पांच करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से व गोपाल नगर में 388 मीटर लंबा तीन करोड़ 28 लाख की लागत से कटानरोधी कार्य सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। कार्य जब अप्रैल में शुरू हुआ तब ग्रामीणों ने कार्य रोक दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि कटान पीड़ितों का आशियाना बचाने के लिए इस तरह की छोटी परियोजना कारगर नहीं है। इस तरह की परियोजनाओं पर पूर्व में कटानरोधी कार्य हुआ है और सरकार का सारा पैसा कटान में समाहित हो गया। नतीजा रहा कि विगत तीन सालों में गोपालनगर व शिवाल के करीब 300 लोगों का आशियाना सरयू नदी में समाहित हो गया है। कटान रोधी कार्य ठप हो जाने से आक्रोशित ओम प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, गणेश यादव, अनुज सिंह, सुनील चौधरी, दिलीप चौधरी, राजेश चौधरी, रौनक सिंह, राजकुमार पासवान, रितेश सिंह, सुदामा चौधरी, अशोक सिंह आदि ने कहा कार्यदायी संस्था व उनके ठेकेदार जानबूझकर कटान रोधी कार्य धीमी गति से करा रहे है, जिससे बरसात आ जाए और सरयू नदी उफान पर आकर निर्माणाधीन कटान रोधी कार्य को नदी की मुख्य धारा में समाहित कर दे। इससे प्राकृतिक आपदा दिखाकर धन की बंदरबांट की जा सकेगी। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रजनीकांत राय ने कहा यह सही बात है कि मजदूर भाग गए हैं, इससे कार्य ठप हो गया है। ठेकेदार मजदूर ढूंढ रहे हैं, जल्द निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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