जयप्रकाश नगर। लॉकडाउन में फंसे विभिन्न जनपदों में मजदूरों के पास भोजन के अभाव होते जा रहे हैं लिहाजा विवश होकर उन जनपदों से इस तरह के श्रमिक अपने परिवारों को लेकर अपने गांवों के लिए पैदल ही चल पड़े हैं। तीन-चार दिन का रास्ता बिस्किट व पानी पर काटते चले आ रहे हैं। इसी क्रम में रविवार की सुबह मधुबनी, मुजफ्फरपुर व छपरा जनपदों के मजदूर अपने गांवों को जाते हुए चांददीयर पहुंचे और आप बीती सुनाई।
सारण जनपद के मुंसपिलिटी चौक निवासी विकाश मिश्रा, रेनु मिश्रा, विद्या मिश्रा, दीपक पासवान, राहुल पासवान, मुकेश पासवान, रविंद्र पासवान, पवन पासवान लखनऊ जनपद में किसी ट्रांसफार्मर बनाने वाली कंपनी में कार्य करते थे। कंपनी मालिक द्वारा बीते 14 अप्रैल को जवाब दे दिया गया और हम लोग वहां से पैदल चल दिए। अब तक रास्ते में आजमगढ़ जिले के एक गांव के व्यक्ति द्वारा हम लोगों को भोजन कराया गया था। वहीं मुजफ्फरपुर जनपद के हथौड़ी थाना क्षेत्र के डिहाजीवर गांव निवासी रंजय साहनी, राकेश साहनी, अविनाश साहनी, लालू साहनी, अरविंद साहनी, रेखा साहनी, बिरजू साहनी आदि ने बताया कि हम लोग बलिया शहर में मजदूर व मिस्त्री का कार्य करते थे। लेकिन अब कार्य नहीं चलने से मकान मालिकों द्वारा किराया मांगने व भोजन की व्यवस्था के लिए पैसा नहीं मिलने से हम लोग अपने गांव वापस पैदल ही जा रहे है। मधुबनी जनपद के कुल 13 महिला व पुरूष मजदूर लखनऊ से साइकिल से रात में ही सीमावर्ती क्षेत्र में आए थे जो चांददीयर के सामने रोड पर रुककर सुबह चल दिए। इन सभी मजदूरों ने बताया कि मांझी घाट सीमा पर हम लोगों को चूड़ा गुड़ और मॉस्क पुलिस कर्मियों व चांददीयर के ग्राम प्रधान द्वारा दिया गया।