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Ballia News: महिला अस्पताल को मिली एनालाइजर मशीन
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बलिया। जिला महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में नई ऑटोमेटिक बाॅयोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन आ गई है। जल्द इसे इंस्टाल किया जाएगा। इससे बार-बार पुरानी एनालाइजर मशीन खराब होने पर मरीजों की जांच प्रभावित नहीं होगी। नई मशीन से मरीजों की जांच में सहूलियत होगी। रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन छह सौ महिलाएं ओपीडी में आती हैं। गर्भवती महिलाओं के खून की जांच की जाती है। पैथोलॉजी लैब में औसतन तीन सौ मरीजों की जांचें होती हैं। रिपोर्ट के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कुछ मरीजों को रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन बुलाया जाता है। पैथोलॉजी लैब में पहले से एक ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन लगी है। इसमें आए दिन तकनीकी खराबी के कारण मरीजों को जांच बाहर से करानी पड़ती थी।
इसको देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नई मशीन की मांग की थी। पैथोलॉजी लैब में ऑटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन आ गई है। कंपनी के इंजीनियर इसे लैब में इंस्टॉल करेंगे। इसके बाद जांच की सुविधा मिलेगी। पुरानी मशीन से एक से डेढ़ घंटे में सिर्फ 32 मरीजों की जांच की जा सकती है। नई मशीन आने से जांच का आंकड़ा बढ़ जाएगा। पैथोलॉजिस्ट पूनम गुप्ता ने बताया कि नई मशीन को जल्द कंपनी के इंजीनियर इंस्टॉल करेंगे। उसके बाद मरीजों की जांच इस मशीन से शुरू हो जाएगी।
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ढाई माह बाद डिजिटल एक्स-रे मशीन ठीक
बलिया। जिला अस्पताल में खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन ढाई माह के लंबे अंतराल के बाद ठीक हो गई। साफ्टवेयर लॉक होने के कारण यह बंद थी। जांच शुरू होने की जानकारी मिलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अभी सिर्फ 40 जांच हो रही है।
एक्सरे मशीन साफ्टवेयर लॉक होने के कारण अगस्त के अंतिम सप्ताह में बंद हो गई थी। ठीक कराकर चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लखनऊ व वाराणसी से आए इंजीनियर भी मशीन ठीक नहीं कर सके। जिला अधिकारी प्रवीण कुमार के लक्षकार की फटकार के बावजूद मशीन ठीक नहीं हुई। इसके कारण रोज 100 मरीज लौटने लगे, तमाम शिकायतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने मैनुअल एक्स-रे से काम चलाया। कमर, सीने सहित अन्य परेशानी वाले मरीजों को बाहर एक्सरे करानी पड़ रही थी। बुधवार को इंजीनियरों ने साॅफ्टवेयर का कोड मिलने के बाद लॉक खोला, जिसके बाद एक्स-रे जांच शुरू हो गई। सीएमएस डाॅ. सुजीत कुमार यादव ने कहा कि मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए डिजिटल व मैनुअल दोनों एक्स-रे मशीन से जांच की जाएगी।
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जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन छह सौ महिलाएं ओपीडी में आती हैं। गर्भवती महिलाओं के खून की जांच की जाती है। पैथोलॉजी लैब में औसतन तीन सौ मरीजों की जांचें होती हैं। रिपोर्ट के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कुछ मरीजों को रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन बुलाया जाता है। पैथोलॉजी लैब में पहले से एक ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन लगी है। इसमें आए दिन तकनीकी खराबी के कारण मरीजों को जांच बाहर से करानी पड़ती थी।
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इसको देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नई मशीन की मांग की थी। पैथोलॉजी लैब में ऑटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन आ गई है। कंपनी के इंजीनियर इसे लैब में इंस्टॉल करेंगे। इसके बाद जांच की सुविधा मिलेगी। पुरानी मशीन से एक से डेढ़ घंटे में सिर्फ 32 मरीजों की जांच की जा सकती है। नई मशीन आने से जांच का आंकड़ा बढ़ जाएगा। पैथोलॉजिस्ट पूनम गुप्ता ने बताया कि नई मशीन को जल्द कंपनी के इंजीनियर इंस्टॉल करेंगे। उसके बाद मरीजों की जांच इस मशीन से शुरू हो जाएगी।
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ढाई माह बाद डिजिटल एक्स-रे मशीन ठीक
बलिया। जिला अस्पताल में खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन ढाई माह के लंबे अंतराल के बाद ठीक हो गई। साफ्टवेयर लॉक होने के कारण यह बंद थी। जांच शुरू होने की जानकारी मिलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अभी सिर्फ 40 जांच हो रही है।
एक्सरे मशीन साफ्टवेयर लॉक होने के कारण अगस्त के अंतिम सप्ताह में बंद हो गई थी। ठीक कराकर चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लखनऊ व वाराणसी से आए इंजीनियर भी मशीन ठीक नहीं कर सके। जिला अधिकारी प्रवीण कुमार के लक्षकार की फटकार के बावजूद मशीन ठीक नहीं हुई। इसके कारण रोज 100 मरीज लौटने लगे, तमाम शिकायतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने मैनुअल एक्स-रे से काम चलाया। कमर, सीने सहित अन्य परेशानी वाले मरीजों को बाहर एक्सरे करानी पड़ रही थी। बुधवार को इंजीनियरों ने साॅफ्टवेयर का कोड मिलने के बाद लॉक खोला, जिसके बाद एक्स-रे जांच शुरू हो गई। सीएमएस डाॅ. सुजीत कुमार यादव ने कहा कि मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए डिजिटल व मैनुअल दोनों एक्स-रे मशीन से जांच की जाएगी।