बलिया में राज्यमंत्री के आवास पर महिलाओं ने किया हंगामा, नेता समेत पांच हिरासत में
आरटीई के तहत अभिभावकों को मिलने वाले भुगतान की मांग को लेकर कुछ महिलाओं ने बलिया में सोमवार दोपहर राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल के सतनीसराय गोपाल बिहार कालोनी स्थित आवास पर हंगामा किया। वे अपनी मांग शीघ्र पूरी कराने की जिद कर रही थी। मंत्री के समझाने के बाद भी उनके न मानने पर पुलिस ने चार महिलाओं संग एक युवक को हिरासत में ले लिया।
पिछले दो वित्तीय वर्ष से यूनिफॉर्म एवं पाठ्य पुस्तक के लिए शासन की ओर से मिलने वाले पांच हजार रुपये की मांग को लेकर दो दर्जन से अधिक महिलाएं सोमवार दिन में एक बजे राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के आवास पर पहुंची। जहां महिलाओं ने उन्हें अपना पत्रक सौंपा। मंत्री ने बताया कि यह केंद्र सरकार की योजना है, फिलहाल सभी योजनाओं की धनराशि रोकी गई है।
अब सरकार धन जारी कर रही है। यह भी पैसा शीघ्र ही खाते में पहुंच जाएगा। उन्होंने पत्रक पर ही निर्देश देते हुए बीएसए से फोन पर वार्ता की और डिमांड लेटर बनाकर सरकार को भेजने के लिए कहा। इस पर महिलाएं लौट गई किंतु एक नेता के समझाने के बाद महिलाएं दोबारा उनके आवास पर पहुंच गई।
उनका आरोप था कि पिछले दो वर्ष का बकाया 10 हजार रुपये एक साथ देने का सरकार द्वारा वादा किया गया था और बीएसए की ओर से भी 31 मार्च 2021 के पहले खाते में पैसा भेजने का आश्वासन दिया गया था। शासन से पैसा भी आ गया, लेकिन हम गरीबों के खाते में अभी तक नहीं भेजा गया। इससे हमारे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है।
मंत्री ने उन्हें समझाने का प्रयास किया पर वे जिद पर अड़ गई। जिसके बाद पुलिस बुलानी पड़ी। इस बाबत कोतवाल बालमुकुंद मिश्र ने बताया कि राज्यमंत्री के आवास पर एक नेता के उकसावे पर कुछ महिलाएं हंगामा कर रही थीं। इसमें एक युवक संग चार महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राइट टू एजुकेशन के तहत मिलने वाले बकाए धनराशि की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मेरे आवास पर आईं थीं। इनके सामने ही पत्रक पर लिखित आदेश बीएसए दिया और फोन से वार्ता कर डिमांड लेटर सरकार को भेजने को कहा गया। महिलाएं संतुष्ट होकर चली गईं। इसके बाद बाहर खड़े किसी नेता के कहने पर प्री प्लानिंग के तहत पुन: आईं और आज ही धन खाते में भेजवाने की जिद कर हंगामा करने लगी। समझाने के बाद भी उन्होंने एक न सुनी। अंत में पुलिस को बुलाना पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस कुछ लोगों को साथ ले गई।
- आनंद स्वरूप शुक्ला, राज्यमंत्री