फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Will not be able to make PM accommodation now

नहीं बन सकेंगे अभी पीएम आवास

Tue, 07 Mar 2017 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया Updated Tue, 07 Mar 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
आचार संहिता ने पीएम आवास पर पूरी तरह ग्रहण लगा दिया है। आचार संहिता में 6079 लाभार्थियों का धन अटका हुआ है। आचार संहिता समाप्त होने के एक पखवारे के अंदर खाते में धन भेजना भी विभाग के लिए चुनौती भरा काम होगा। इससे साफ है वित्तीय वर्ष 2016-17 में एक भी पीएम आवास की नींव शायद ही पड़ सके।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 में जिले के लिए कुल 6079 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसमें सामान्य के लिए 1139, अनुसूचित जाति के लिए 3424, अनुसूचित जनजाति के लिए 728 व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 788 आवास बनाए जाने हैं। डीआरडीए की ओर से कुल लक्ष्य के सापेक्ष ग्रामवार लक्ष्य निर्धारित कर ब्लॉकों को भेजा गया और ग्राम पंचायतों की ओर से चयन की कार्रवाई भी पूरी कर ली गई। लेेकिन इसी बीच आचार संहिता के लागू होने के कारण धन जारी करने पर रोक लग गई। इसके चलते आवास के लिए चयनित लाभार्थी जहां परेशान हैं वहीं अधिकािरयों के लिए मुश्किल का सबब बना हुआ है। आलम यह है कि चुनावी प्रक्रिया 15 मार्च तक पूरा होना है और इसके बाद ही आचार संहिता समाप्त होगी। इसके बाद वित्तीय साल समाप्त होने में महज एक पखवारा का समय बचेगा। इस एक पखवारे में सभी लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजना भी चुनौती भरा काम होगा।
विज्ञापन


प्रयास कर खाते में धनराशि उपलब्ध हो भी गई तो इतने कम समय में बैकों से पैसा निकालना और आवास बनाने के लिए संसाधनों को जुटाना लाभार्थियों के आसान नहीं होगा। आचार संहिता की समाप्ति के बाद अधिकारियों ने तत्परता नहीं बरती तो शायद वित्तीय साल 2016-17 में एक भी पीएम आवास की नींव नहीं रखी जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed