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गंगा में डूबने लगे निचले हिस्से
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Fri, 21 Aug 2015 10:44 PM IST
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गंगा में वृद्धि जारी है। लाल निशान पार करने के बाद पानी निचले हिस्सों के चारों तरफ फैलने लगा है। इससे गंगा किनारे बसे लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। वहीं कई निचले इलाकों से लोगों का पलायन शुरू हो चुका है।
गंगा के दूसरी बार लाल निशान पार करते ही चौबेछपरा और श्रीनगर में पानी भरने लगा है। इसके चलते प्रतिदिन लोगों की कृषि योग्य भूमि कटकर गंगा में समाहित हो रही है। लाल निशान पार के करने के बाद पचरूखिया-मझौंवा पर बने स्परों पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है।
बाढ़ विभाग के अधिकारी चौकसी नजर डेंजर जोन पर रखे हुए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के चलते बादिलपुर, पोखरा, जगछपरा में पानी फैलने लगा है। अगर गंगा मीडियम फ्लड लेवल पार 58.60 मीटर करती है तो आधा दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग बंद हो जाएगा। इसके लिए एक मात्र विकल्प नाव ही है।
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गंगा की उफनाती लहरों ने नौरंगा भुआलछपरा स्थित फेंकू बाबा के स्थान के सामने करीब दस एकड़ भूमि को निगल लिया है। यहां के लोगों का तहसील और जिला मुख्यालय आने के लिए एक मात्र नाव ही सहारा है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर शुक्रवार शाम चार बजे 57.690 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही प्रति घंटा आधा सेमी का बढ़ाव भी बना हुआ है।
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गंगा के दूसरी बार लाल निशान पार करते ही चौबेछपरा और श्रीनगर में पानी भरने लगा है। इसके चलते प्रतिदिन लोगों की कृषि योग्य भूमि कटकर गंगा में समाहित हो रही है। लाल निशान पार के करने के बाद पचरूखिया-मझौंवा पर बने स्परों पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है।
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बाढ़ विभाग के अधिकारी चौकसी नजर डेंजर जोन पर रखे हुए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के चलते बादिलपुर, पोखरा, जगछपरा में पानी फैलने लगा है। अगर गंगा मीडियम फ्लड लेवल पार 58.60 मीटर करती है तो आधा दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग बंद हो जाएगा। इसके लिए एक मात्र विकल्प नाव ही है।
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गंगा की उफनाती लहरों ने नौरंगा भुआलछपरा स्थित फेंकू बाबा के स्थान के सामने करीब दस एकड़ भूमि को निगल लिया है। यहां के लोगों का तहसील और जिला मुख्यालय आने के लिए एक मात्र नाव ही सहारा है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर शुक्रवार शाम चार बजे 57.690 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही प्रति घंटा आधा सेमी का बढ़ाव भी बना हुआ है।