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बदला मौसम तो वायरल के बढे़ मरीज

Thu, 17 Feb 2022 11:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 11:28 PM IST
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weather changed, then the patients of viral increased
बलिया। मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते एक बार फिर जुकाम, खांसी, बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना तेज हो गई है। पिछले एक सप्ताह में जिला अस्पताल में जुकाम, खांसी और बुखार में 10 से 15 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। हालांकि सभी की कोरोना जांच नहीं हुई है। लेकिन, विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी, जुकाम, खांसी के साथ बुखार के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसी स्थिति कोरोना संक्रमण और ज्यादा फैलने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस मौसम में जुकाम हो गया है, सीने में कफ जमा है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत चिकित्सकीय उपचार लेना चाहिए। इसमें लापरवाही घातक हो सकती है।
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छोटे बच्चों व नवजात का रखें विशेष ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अजीत सिंह का कहना है, कि दिन में तो मौसम गर्म होता है, लेकिन सुबह और रात में पहनावे पर ध्यान रखना चाहिए। दिन में लोग घर से कम कपड़े पहनकर निकलते हैं और शाम को घर पहुंचते-पहुंचते मौसम ठंडा हो जाता है। इसके साथ ही ठंडी चीजों से परहेज रखें। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, जिससे बच्चों को सर्दी, जुकाम खांसी से बचाया जा सके। बच्चों को सुबह होते ही बेड से उठकर सीधे बाहर न जाने दें। सुबह फर्श पर नंगे पैर चलने से बचाएं।
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गांवों से भी आ रहे मरीज
मौसम बदलने के साथ ही सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, तेज बुखार हो रहा है। वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। टायफाइयड के केस भी मिल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम परिवर्तन के कारण अभिभावकों को उनके बच्चों को पानी उबाल कर या फिल्टर करके देना चाहिए।
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मौसम परिवर्तन के साथ ही मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। बुखार, सर्दी, जुकाम-खांसी के साथ वायरल फीवर के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार पीड़ितों में मलेरिया के लक्षण भी मिल रहे हैं। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचे और घर और आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनपें।

-डॉक्टर बीके गुप्ता
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त्योहारी सीजन में परदेसी आये तो सावधान
पिछले वर्ष जब कोरोना का प्रसार हुआ तो प्रवासी मजदूरों को इसका कारण माना गया। उसके लिए सरकार ने सरकारी स्कूलों व अन्य जगहों पर क्वारंटीन सेंटर बनाकर मजदूरों को 15 दिनों के लिए आइसोलेट कर दिया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर विभिन्न ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की जांच स्टेशन पर की जा रही है। लेकिन, यह महज एक खानापूर्ति बन कर रह गया है। जांच के लिए सभी व्यक्तियों को नहीं कहा जा रहा ना ही सभी ट्रेनों के यात्रियों की जांच हो रही है और लोग सोशल डिस्टेंस और मास्क का पालन भी करते नहीं दिख रहे हैं।
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