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बरसात ने खेली महिला अस्पताल की कलई
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जिला महिला अस्पताल में लगा बरसात का पानी
- फोटो : BALLIA
बलिया। लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी हुई बारिश से जिला महिला अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया है जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। वार्ड से लेकर ओपीडी तक पानी भरा रहा। इसकी वजह से अस्पताल में इलाज कराने आई महिलाओं, उनके परिजनों के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिला महिला अस्पताल परिसर में लगभग एक फीट तक पानी भर गया है। आलम यह है कि शौचालय का पानी भी वार्डों में चला गया जिसके वजह से प्रसूता महिलाएं दुर्गंध के चलते नाक बंद करके रहने को मजबूर हो गईं। वहीं, प्रसूताओं के परिजनों को जच्चा व बच्चा को संक्रामक बीमारी होने का भय सताने लगा। वहीं, सुबह के समय अपने ड्यूटी करने आए स्वास्थ्य कर्मियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, महिला स्वास्थ्य कर्मी पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाकर मोटरसाइकिल पर बैठ कर अपने-अपने वार्डों तक पहुंची। कुछ महिला स्वास्थ्य कर्मी जलभराव के कम होने का घंटों इंतजार करते रहे। सबसे बड़ी बात ये रही कि इतनी बड़ी समस्या को लेकर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उक्त समस्या को देखने तक नहीं आया। इसे लेकर स्वास्थ्य कर्मी तो कुछ कहने को तैयार नहीं हुए। मरीजों के परिजनों में काफी गुस्सा देखने मिला। इस संबंध में अपनी भाभी को लेकर प्रसव के लिए आए हरिहरपुर थाना हल्दी अनुप कुमार दुबे ने बताया कि पानी का निकास न होने से पुरे अस्पताल परिसर, वार्ड में पानी लगने के साथ ही शौचालय का गंदा पानी वार्ड में आने से पूरे वार्ड दुर्गंध आ रही है। इसके चलते जच्चा व बच्चा दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा। सुरेमनपुर थाना बैरिया निवासी ब्रजेश मौर्या ने बताया कि अस्पताल में बरसात का पानी लगने से सारे मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है।
सीएमएस डा. माधुरी सिंह ने बताया कि नगरपालिका की उदासीनता से यह समस्या पैदा हुई है। जलभराव से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया है। यहां के लोगों से पता चला है कि बहुत पहले से नगरपालिका अस्पताल में अपना कार्य नहीं कर रही है। समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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जिला महिला अस्पताल परिसर में लगभग एक फीट तक पानी भर गया है। आलम यह है कि शौचालय का पानी भी वार्डों में चला गया जिसके वजह से प्रसूता महिलाएं दुर्गंध के चलते नाक बंद करके रहने को मजबूर हो गईं। वहीं, प्रसूताओं के परिजनों को जच्चा व बच्चा को संक्रामक बीमारी होने का भय सताने लगा। वहीं, सुबह के समय अपने ड्यूटी करने आए स्वास्थ्य कर्मियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, महिला स्वास्थ्य कर्मी पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाकर मोटरसाइकिल पर बैठ कर अपने-अपने वार्डों तक पहुंची। कुछ महिला स्वास्थ्य कर्मी जलभराव के कम होने का घंटों इंतजार करते रहे। सबसे बड़ी बात ये रही कि इतनी बड़ी समस्या को लेकर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उक्त समस्या को देखने तक नहीं आया। इसे लेकर स्वास्थ्य कर्मी तो कुछ कहने को तैयार नहीं हुए। मरीजों के परिजनों में काफी गुस्सा देखने मिला। इस संबंध में अपनी भाभी को लेकर प्रसव के लिए आए हरिहरपुर थाना हल्दी अनुप कुमार दुबे ने बताया कि पानी का निकास न होने से पुरे अस्पताल परिसर, वार्ड में पानी लगने के साथ ही शौचालय का गंदा पानी वार्ड में आने से पूरे वार्ड दुर्गंध आ रही है। इसके चलते जच्चा व बच्चा दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा। सुरेमनपुर थाना बैरिया निवासी ब्रजेश मौर्या ने बताया कि अस्पताल में बरसात का पानी लगने से सारे मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है।
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सीएमएस डा. माधुरी सिंह ने बताया कि नगरपालिका की उदासीनता से यह समस्या पैदा हुई है। जलभराव से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया है। यहां के लोगों से पता चला है कि बहुत पहले से नगरपालिका अस्पताल में अपना कार्य नहीं कर रही है। समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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