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टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी, कैसे लगे धान की नर्सरी

Sat, 17 Jun 2017 11:55 PM IST
ballia
ballia Updated Sat, 17 Jun 2017 11:55 PM IST
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Water not reaching to the tail, how did the paddy nursery
धान की खेती
बलिया। धान की नर्सरी के लिए किसानों को पानी की जरूरत है, लेकिन अधिकांश नहरें बदहाल होने के कारण किसान परेशान हैं। नहरों की सफाई और मरम्मत सही तरीके से नहीं होने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहरों और माइनरों की हर सफाई का दावा किया ता है, लेकिन सफाई के नाम पर इसमें गड़बड़ी की जा रही है।
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जिले में 15 लाख आठ हजार 343 हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई के लिए कुल 274.936 किलोमीटर लंबी नहर, रजवाहे और माइनरों का जाल है। इसमें दोहरीघाट सहायक परियोजना की मुख्य नहर 62 किलोमीटर लंबी है। नहर के चार राजवाहा और 50 माइनर हैं, जिनकी कुल लम्बाई 65.186 किलोमीटर है। दोहरीघाट सहायक परियोजना के मुख्य नहर समेत कुल 55 टेल हैं। इसके अलावा सुरहा ताल पंप नहर स्थापित है।
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मुख्य नहर की लंबाई जहां 11.8 किलोमीटर है, वहीं इस नहर के कुल आधा दर्जन माइनरों की लंबाई छह किलोमीटर है। बताया जाता है कि ये नहर सालों से सुरहा ताल में पानी के अभाव में बंद है। लघु डाल की 59.95 किलोमीटर लंबी सात नहरें हैं। इस नहर के कुल 18 टेल निर्धारित किए गए हैं।
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शारदा सहायक प्रणाली की भी 70 किलोमीटर लंबी दो नहरें हैं।
आमतौर पर हर साल मई महीने में मरम्मत और तल सफाई के लिए नहरों का संचालन बंद किया जाता है। 10 से 15 जून के बीच नहरों में पानी का संचालन शुरू कर दिया जाता है। तल सफाई का काम हर साल होता है, लेकिन अभी तक अधिकांश नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
      
50 लाख से कराई नहरों की मरम्मत और सफाई      
बलिया। नहरों की सफाई और मरम्मत के लिए वर्ष 2017-18 में सिंचाई विभाग की ओर से कुल 50 लाख का टेंडर कराया गया और इसके बाद कार्य भी कराया गया। लघु डाल के नहरों की सफाई मनरेगा के तहत कराई जाती है। इसके बाद भी अधिकांश नहरों का पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। कोरंटाडीह पंप नहर का टेल रामगढ़ गांव में है। करीब दो दशक से इस नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंचता है।


मुख्य नहर और रजवाहा में हो रहा पानी का संचालन      
बलिया। खरीफ की सिंचाई के लिए नहरों में पानी का संचालन 15 जून से शुुरू किया गया है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन की मानें तो नौ जून से मुख्य नहर में पानी का संचालन शुुरू कर दिया गया है। फिलहाल 200 क्यूसेक पानी चल रहा है और धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जा रहा है ताकि नहरें क्षतिग्रस्त होने से बची रहें। एक्सईएन ने बताया कि अधिकांश नहरें और रजवाहों में पानी छोड़ दिया गया है।       


मुख्य नहर और सभी रजवाहों में पानी का संचालन कराया जा रहा है। मरम्मत के बाद पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है, ताकि नहरें क्षतिगस्त होने से बच सकें। एक सप्ताह में नहरें फुल स्पीड से चलनी शुरू हो जाएंगी।   -सीबी पटेल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड प्रथम, बलिया
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